
भारत में गरीबी, नौकरी, समाज, महिलाएं और युवा राजनीतिक दलों के पसंदीदा मुद्दे हैं। इन्हें वे जनहित के मुद्दे बताते हैं। शायद यही वजह है कि कई राजनीतिक दल अपना नाम भी ऐसा रख लेते हैं जिससे वोटर्स को लुभाया जा सके या उन्हें यह बताया जा सके कि हम आपके लिए हैं। देश में ऐसी 2044 रजिस्टर्ड, किंतु गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियां हैं। इनका विश्लेषण करने पर एक रोचक जानकारी सामने आई है। इसके मुताबिक देश में सबसे ज्यादा पार्टियों के नाम में समाज या सामाजिक शब्द जुड़ा है। ऐसा ही कुछ विकास, आम, जनता या प्रजा को लेकर भी है।
आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें