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बिहार के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार: आदेशपाल ने रिश्वत नहीं देने पर शिक्षक को धक्का मार भगाया

बीईओ के नाम पर रिश्वत का बड़ा खुलासा: आदेशपाल पर गहराए गंभीर आरोप गोपालगंज जिला के बैकुंठपुर प्रखंड के बीआरसी भवन में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक आदेशपाल पर बीईओ के नाम पर एक लाख रुपये रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला तब और भी गंभीर हो गया जब शिकायतकर्ता शिक्षक को रिश्वत देने से इनकार करने के बाद कार्यालय से धक्का देकर भगा दिया गया। शिक्षक ने वरीय अधिकारियों से लगाई न्याय की गुहार राजकीय प्राथमिक विद्यालय, सबिलि गांव (दिघवां दक्षिण पंचायत) के सहायक शिक्षक अर्जुन कुमार ठाकुर ने इस मामले की शिकायत शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव, जिला पदाधिकारी, और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) से की है। अर्जुन ठाकुर ने अपनी लिखित शिकायत में इस भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया और आरोपी आदेशपाल पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। शिकायतों के घेरे में आदेशपाल जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, जमालुद्दीन ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि इस आदेशपाल के खिलाफ पहले से ही कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर...

भारतीय संविधान: संशोधन प्रक्रिया एवं सीमाएँ

भारतीय संविधान: संशोधन प्रक्रिया एवं सीमाएँ E-LEARNING CLASSES द्वारा प्रस्तुत, R.B. Raj संविधान संशोधन: परिचय भारतीय संविधान एक जीवंत दस्तावेज़ है जो बदलती आवश्यकताओं और परिस्थितियों के अनुरूप है। अनुच्छेद 368 संविधान में संशोधन के प्रावधानों को रेखांकित करता है। यह लेख संविधान संशोधन के विभिन्न पहलुओं को समझाने का प्रयास करता है। --- संविधान संशोधन का अर्थ संविधान संशोधन का उद्देश्य संविधान को प्रगतिशील बनाए रखना है। इसके माध्यम से किसी प्रावधान को जोड़ा, हटाया या परिवर्तित किया जा सकता है। --- संविधान संशोधन की प्रक्रिया 1. प्रस्ताव की शुरुआत: संसद के दोनों सदनों में संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत किया जा सकता है। राष्ट्रपति की अनुमति आवश्यक नहीं है। 2. विशेष बहुमत: दोनों सदनों में कुल सदस्यता का बहुमत और उपस्थित एवं मतदान करने वाले दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन। संघीय प्रावधानों के लिए राज्यों की सहमति आवश्यक। 3. राष्ट्रपति की सहमति: राष्ट्रपति केवल सहमति प्रदान कर सकते हैं। उनकी सहमति के बाद विधेयक कानून बन जाता है। --- संविधान संशोधन के प्रकार 1. संसद के साधारण बहु...

भारत का राष्ट्रीय प्रतीक और उससे संबंधित तथ्य

भारत का राष्ट्रीय प्रतीक और उससे संबंधित तथ्य राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा है, जिसमें तीन समान आकार की क्षैतिज पट्टियाँ होती हैं। केसरिया रंग सबसे ऊपर होता है, जो देश की शक्ति और शौर्य का प्रतीक है। सफेद पट्टी बीच में है, जो शांति और सत्य का प्रतीक है। इसके बीच में नीला चक्र होता है, जिसमें 24 तीलियाँ हैं। यह चक्र सारनाथ स्थित अशोक के सिंह स्तंभ से लिया गया है। राष्ट्रीय ध्वज की लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 3:2 है। राष्ट्रीय प्रतीक भारत का राष्ट्रीय प्रतीक सारनाथ स्थित अशोक के सिंह स्तंभ की अनुकृति है। इस प्रतीक में चार सिंह होते हैं, जो एक दूसरे की ओर पीठ किए हुए हैं। इसके नीचे पद्म (कमल) के ऊपर हाथी, घोड़ा, सांड और सिंह की मूर्तियाँ हैं, और इनके बीच-बीच में चक्र बने हुए हैं। प्रतीक में "सत्यमेव जयते" लिखा है, जो देवनागरी लिपि में है, और यह भारत का आदर्श वाक्य है। राष्ट्रगान भारत का राष्ट्रगान "जन गण मन" है, जिसे रवींद्रनाथ ठाकुर (रवींद्रनाथ टैगोर) ने लिखा था। इसे 24 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान सभा द्वारा राष्ट्रगान के रू...

कौन हैं आरबीआई के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा?

कौन हैं आरबीआई के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा? संजय मल्होत्रा को भारत सरकार ने शक्तिकांत दास के स्थान पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का नया गवर्नर नियुक्त किया है। वह 1990 बैच के राजस्थान कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। उनके पास वित्त, कराधान, आईटी, ऊर्जा और खनन जैसे क्षेत्रों में 33 वर्षों से अधिक का अनुभव है। संजय मल्होत्रा का शैक्षिक और पेशेवर अनुभव: शिक्षा: कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की डिग्री (IIT कानपुर)। प्रिंसटन यूनिवर्सिटी (USA) से मास्टर्स इन पब्लिक पॉलिसी। करियर: वर्तमान में वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव। वित्तीय सेवाओं के सचिव के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकार के पदों पर कराधान और वित्त के क्षेत्रों में योगदान दिया। शक्तिकांत दास की भूमिका: शक्तिकांत दास, जिन्होंने दिसंबर 2018 में आरबीआई गवर्नर के रूप में पदभार संभाला था, भारत के दूसरे सबसे लंबे समय तक कार्यरत आरबीआई गवर्नर हैं। वह 15वें वित्त आयोग के सदस्य और जी20 के लिए भारत के शेरपा भी रहे हैं। संजय मल्होत्रा की नियुक्ति का महत्व: उनका अनुभव और विशेषज्ञता भारत...

बिहार विजन डॉक्यूमेंट 2047 नागरिक सर्वेक्षण

बिहार विजन डॉक्यूमेंट 2047 नागरिक सर्वेक्षण एक महत्वपूर्ण पहल है जो बिहार के दीर्घकालिक विकास और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की दिशा में नागरिकों की राय और सुझावों को एकत्रित करने के लिए शुरू की गई है। मुख्य उद्देश्य बिहार के भविष्य को आकार देने के लिए नागरिकों की भागीदारी। कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित सुझाव। डिजिटल कनेक्टिविटी, सार्वजनिक-निजी भागीदारी और सतत विकास जैसे विषयों पर नागरिकों की अंतर्दृष्टि प्राप्त करना। विशेषताएँ उम्र सीमा: 18 वर्ष से अधिक। सर्वेक्षण के मुख्य विषय: कृषि और खाद्य सुरक्षा। स्वास्थ्य सेवा का सुधार। शिक्षा प्रणाली का सुदृढ़ीकरण। सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का विकास। उद्योग और रोजगार के अवसर। सर्वेक्षण प्रक्रिया आप अपनी राय/सुझाव नीचे दिए गए लिंक या QR कोड के माध्यम से साझा कर सकते हैं: सर्वेक्षण लिंक इस पहल से बिहार के 2047 विजन डॉक्यूमेंट को व्यापक और प्रभावी रोडमैप तैयार करने में सहायता मिलेगी, जिससे राज्य सतत विकास की दिशा में अग्रसर होगा।

तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं को 5 दिसंबर को विशेष आकस्मिक अवकाश

बिहार विधान परिषद उप निर्वाचन 2024: तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 5 दिसंबर को मतदान बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने एक अधिसूचना जारी की है, जिसमें भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए बिहार विधान परिषद के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के उप निर्वाचन की तिथि घोषित की गई है। मतदान की तिथि 5 दिसंबर 2024 (गुरुवार) को तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में उप चुनाव के लिए मतदान होगा। निर्वाचकों के लिए विशेष आकस्मिक अवकाश लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135-ख के तहत संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचकों को मतदान में भाग लेने के लिए विशेष आकस्मिक अवकाश अनुमत किया गया है। यह अधिसूचना भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के पत्र (दिनांक 16 मई 1994) और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप जारी की गई है। सरकार का संदेश बिहार सरकार का यह कदम लोकतंत्र को सशक्त बनाने और सभी नागरिकों को उनके मताधिकार का उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। गुफरान अहमद अपर सचिव, बिहार सरकार आधिकारिक अधिसूचना नंबर PR. No. 12921 (GA...

BPSC 69वीं मार्कशीट जारी: सभी अभ्यर्थी तुरंत करें चेक

 BPSC 69वीं मार्कशीट जारी: सभी अभ्यर्थी तुरंत करें चेक आर्यावर्त न्यूज द्वारा विशेष रिपोर्ट बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 69वीं अंतिम परीक्षा (BPSC 69th final) की मार्कशीट जारी कर दी है। जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अपनी मार्कशीट को आधिकारिक वेबसाइट BPSC Results पर जाकर देख सकते हैं। मार्कशीट चेक करने की प्रक्रिया: 1. सबसे पहले BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। 2. "Marks" वाले लिंक पर क्लिक करें। 3. अपना रोल नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी भरें। 4. सबमिट करने के बाद, आपकी मार्कशीट स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगी। 5. इसे डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंट लेकर रखें। BPSC 69वीं परीक्षा: 69वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 30 सितंबर 2024 को किया गया था। यह परीक्षा बिहार के विभिन्न केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न हुई। लाखों उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया।  महत्वपूर्ण बिंदु: 69वीं BPSC परीक्षा के तहत वर्गीय कटऑफ भी जारी कर दिया गया है। यदि किसी अभ्यर्थी को अपनी मार्कशीट या कटऑफ समझने में कोई समस्या हो रही है, तो वे BPSC हेल्पलाइन से संपर्क कर सकत...

RRB RPF SI Exam City & Date Out for All Dates

 RRB RPF SI Exam City & Date Out for All Dates आर्यावर्त न्यूज | परीक्षा अपडेट रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने RPF SI (Sub-Inspector) परीक्षा 2024 के लिए परीक्षा शहर और तिथि की जानकारी जारी कर दी है। जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया था, वे अब अपने परीक्षा शहर और तारीख की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह जानकारी परीक्षा के सुचारू संचालन और उम्मीदवारों की योजना में सहायता के लिए जारी की गई है। --- कैसे चेक करें अपना RRB RPF SI Exam City और Date उम्मीदवार नीचे दिए गए चरणों का पालन करके अपनी परीक्षा की जानकारी आसानी से देख सकते हैं: 1. आधिकारिक लिंक पर जाएं 👉 RRB RPF SI Exam City & Date Link पर क्लिक करें। 2. लॉगिन करें अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें। जन्म तिथि (DOB) दर्ज करें। कैप्चा कोड को सही-सही भरें। 3. विवरण देखें "सबमिट" बटन पर क्लिक करें। आपको आपकी परीक्षा तिथि और शहर की जानकारी दिखाई देगी। इसे ध्यान से पढ़ें और सेव या प्रिंट कर लें। --- महत्वपूर्ण तारीखें और निर्देश 1. एडमिट कार्ड जारी: परीक्षा तिथि से 4 दिन पहले एडमिट कार्ड डाउ...

बिहार में छात्रों को 100% अपार आईडी देने की दिशा में बड़ी पहल, सीएनएलयू में समीक्षा जारी

📰 बिहार में छात्रों को 100% अपार आईडी देने की दिशा में बड़ी पहल, सीएनएलयू में समीक्षा जारी आर्यावर्त न्यूज बिहार सरकार ने राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे सभी छात्रों को अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) के तहत 100% अपार आईडी प्रदान करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (सीएनएलयू), पटना में आज से तीन दिवसीय समीक्षा और कार्यशाला शुरू हुई। इस कार्यशाला का उद्घाटन बिहार शिक्षा विभाग के सचिव वैद्यनाथ यादव ने किया। प्रमुख बिंदु: डिजिटल गवर्नेंस को प्राथमिकता यह कार्यशाला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत डिजिटल गवर्नेंस को उच्च शिक्षा में मजबूती देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। अब तक की प्रगति बिहार में अब तक 18 लाख से अधिक डिग्रियां डिजिलॉकर और एबीसी प्लेटफॉर्म पर अपलोड की जा चुकी हैं। 10 लाख छात्रों के लिए अपार आईडी पहले ही तैयार हो चुकी हैं। बेहतर समन्वय पर जोर वैद्यनाथ यादव ने विश्वविद्यालय प्रशासन से समर्पित प्रयासों की अपील करते हुए आंतरिक संचार की खामियों को दूर करने की आवश्...

शिक्षकों का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य: BSEB का नया निर्देश

शिक्षकों का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य: BSEB का नया निर्देश Date: 2 दिसंबर 2024 | By: Aryawart News बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने शिक्षकों के बायोमेट्रिक सत्यापन को लेकर नया फरमान जारी किया है। इसके तहत सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) को निर्देश दिया गया है कि समक्षता परीक्षा में शामिल सभी शिक्षकों के अंगूठे के निशान और बायोमेट्रिक सत्यापन को सुनिश्चित करें। सत्यापन की प्रक्रिया और समय सीमा तिथि : यह सत्यापन प्रक्रिया 4 दिसंबर से 8 दिसंबर 2024 के बीच होगी। स्थान : सत्यापन संबंधित जिला के शिक्षा विभाग कार्यालय में किया जाएगा। उपकरण : प्रत्येक सत्यापन केंद्र पर दो बायोमेट्रिक मशीनें उपलब्ध रहेंगी। सत्यापन के दौरान आवश्यक कार्य 1. अंगूठे के निशान और बायोमेट्रिक मिलान: प्रत्येक शिक्षक का अंगूठे का निशान और अन्य बायोमेट्रिक डेटा लिया जाएगा। बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान सभी अभ्यर्थियों की पहचान को सुनिश्चित किया जाएगा। 2. मूल प्रवेश पत्र का मिलान और जमा: शिक्षक अभ्यर्थियों को अपना मूल प्रवेश पत्र संबंधित डीईओ कार्यालय में जमा करना होगा। सत्...