
केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच अधिकारों के विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी पिछले चार साल से जारी लड़ाई थम नहीं रही है। सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने बुधवार को कहा कि उपराज्यपाल (एलजी) स्वतंत्र रूप से फैसले नहीं ले सकते। वह निर्वाचित सरकार की सलाह के प्रति बाध्य हैं। इसके कुछ घंटे बाद ही उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अफसरों की पोस्टिंग और ट्रांसफर का अधिकार अब हमारे पास है। लेकिन केंद्र सरकार के अफसरों का कहना है कि इस मुद्दे पर अभी रेगुलर बेंच में सुनवाई होनी है। मनीष सिसोदिया ने निर्देश जारी किया कि आईएएस, दानिक्स, ऑल इंडिया सर्विस ऑफिसर और उसके समकक्ष अधिकारियों के ट्रांसफर-नियुक्तियों का अधिकार मुख्यमंत्री के पास होगा। पहले यह एलजी के पास था। ग्रेड-1, ग्रेड-2 दास कैडर के अधिकार सिसोदिया ने अपने पास रखे।
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