पीठ ने धारा 497 के इस पहलू को ‘स्पष्ट रूप से मनमाना’ करार दिया और कहा कि यह विवाहित महिला से इस आधार पर ‘चल सम्पत्ति’ के तौर पर व्यवहार करता है कि अन्य विवाहित व्यक्तियों के साथ उनका संबंध ‘उनके पति की सहमति’ पर निर्भर करता हैfrom Latest News देश Firstpost Hindi https://ift.tt/2v9Wx8k
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