डेमोक्रेसी इन इंडिया (पार्ट-16): क्या RSS और हिंदुवादी संगठनों की विविधता की परिभाषा वही है, जो लोकतंत्र में है?
जिस विविधता की आरएसएस और इसके जैसी विचारधारा वाले दूसरे हिंदू संगठन बात करते हैं, वो वही है जिसकी बात लोकतंत्र करता है?from Latest News देश Firstpost Hindi https://ift.tt/2OrEMce
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