बदमाशों ने जिस तरह से 3 दिन में तीनों नेताओं-कार्यकर्ताओं की हत्या की है उससे बिहार में 90 के दशक के अपराध के दौर की याद ताजा हो जाती है. जब अपराधी बदला लेने के लिए इसी तरह ऑटोमैटिक हथियारों से सरेआम हत्याएं कर देते थेfrom Latest News देश Firstpost Hindi https://ift.tt/2xO9LbB
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें