उन्होंने कहा, ‘हम मानदंड तय करेंगे, उसके बाद देखेंगे कि कैसे मामलों का उल्लेख किया जाएगा. अगर किसी को कल फांसी दी जा रही हो या उसे घर से बाहर निकाला जा रहा हो तब हम (अत्यावश्यकता को) समझ सकते हैं’from Latest News देश Firstpost Hindi https://ift.tt/2DR8V40
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