दंपति के मुताबिक यदुवंशी अस्पताल में 19 सितंबर को उनके बच्चे की डिलीवरी हुई थी, करीब एक घंटे बाद बताया गया कि लड़की हुई है लेकिन 23 सितंबर को जब वह उसका जन्म प्रमाण पत्र बनवाने असप्ताल पहुंचे तो पता चला कि अस्पताल के रिकॉर्ड में लड़का दर्शाया गया हैfrom Latest News देश Firstpost Hindi https://ift.tt/2EYZZKn
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