मैंने जर्नलिस्ट बनने का फैसल कर लिया था लेकिन अकबर की किताबों से मेरा सामना होने के बाद मेरी इच्छा, जुनून में तब्दील हो गई. मेरा ध्यान कहीं और न भटक जाए, इसलिए मैंने स्कूल के बाद जर्नलिज्म के बैचलर कोर्स में एडमिशन ले लियाfrom Latest News देश Firstpost Hindi https://ift.tt/2CWzUcj
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