मित्रा ने सूक्ष्म, लघु और मझौले उद्योग को 59 मिनट में एक करोड़ रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराने की केंद्र की पहल की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि यह महज हथकंडा है और उन्हें कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं मिला है, जिसे इस पोर्टल के जरिए अब तक कर्ज मिला होfrom Latest News देश Firstpost Hindi https://ift.tt/2r3scWw
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें