साफ तौर पर गुप्ता की ओर से सिफारिशें करना कोई आपराधिक इरादा नहीं था (हालांकि अदालत ने इसे दुर्भावनापूर्ण बताया था) और न ही कोई ऐसा सबूत था जिससे कि ये साबित हो सके कि किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए एचसी गुप्ता ने ये सिफारिशें कीं.from Latest News देश Firstpost Hindi https://ift.tt/2rpY3kp
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