जमुई स्कूल के शिक्षकों की फर्जी सेल्फी का खेल: शिक्षा विभाग ने किया बड़ा खुलासा
Date: 2 दिसंबर 2024 | By: Aryawart News
जमुई जिले में शिक्षकों की फर्जी हाजिरी का मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा विभाग को सकते में डाल दिया। शिक्षकों ने सरकारी ई-शिक्षा कोष एप का दुरुपयोग कर उपस्थिति दर्ज करने का एक ऐसा तरीका निकाला, जिससे बिना स्कूल गए ही उनकी हाजिरी लग रही थी।
फर्जी हाजिरी का खुलासा
शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ई-शिक्षा कोष एप लागू किया गया था। इस एप के माध्यम से शिक्षकों को अपनी सेल्फी अपलोड कर उपस्थिति दर्ज करनी होती थी। हालांकि, कुछ शिक्षकों ने इस प्रणाली का गलत फायदा उठाया।
शिक्षकों ने अपनी सेल्फी पहले से खींचकर साथी शिक्षकों के फोन में सेव कर दी।साथी शिक्षकों ने लॉगिन आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर उनकी फर्जी उपस्थिति दर्ज की।
इस तरीके से कई शिक्षक बिना स्कूल गए उपस्थिति दर्ज कर रहे थे।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने फर्जी हाजिरी का पता चलते ही सख्त कदम उठाए:
1. दोषी शिक्षकों के खिलाफ जांच शुरू की गई।
2. स्पष्टीकरण का आदेश जारी किया गया।
3. उपस्थिति दर्ज करते समय सेल्फी के बैकग्राउंड में स्कूल परिसर या कक्षा दिखाना अनिवार्य कर दिया गया।
पारस कुमार, शिक्षा विभाग के एक अधिकारी, ने बताया कि इस नई व्यवस्था से फर्जी उपस्थिति को रोका जा सकेगा और शिक्षकों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित होगी।
फर्जी उपस्थिति का प्रभाव
सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा था।
शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था। छात्रों को समय पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही थी।
नई प्रणाली का महत्व
बैकग्राउंड अनिवार्यता से शिक्षकों को स्कूल आना मजबूरी होगी। इससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
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