सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के उस निर्णय को गलत बताया जिसमें कहा गया था कि 18 साल से कम उम्र के नाबालिग के मामले में उससे जुड़े सभी फैसले लेने के अधिकार उसके माता-पिता या कानूनन नियुक्त किए गए अन्य किसी अभिभावक को हैfrom Latest News देश Firstpost Hindi https://ift.tt/2LJ0Dez
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