बंगलुरु में लंबे समय से प्रतीक्षित उपनगरीय ट्रेन परियोजना को केंद्र की मंजूरी मिलने के साथ ही यात्रियों को आखिरकार राहत की सांस मिल रही है. न्यूज 18 की खबर के अनुसार केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बीते शुक्रवार को मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी से मुलाकात की और परियोजना के संबंध में भूमि अधिग्रहण और लागत-साझाकरण पर चर्चा की. भारतीय रेलवे ने परियोजना के लिए लीज पर भूमि आवंटित करने का फैसला किया है जिसे प्रति एकड़ 1 रुपए की मामूली दर पर लिया जाएगा. बता दें कि कुमारस्वामी के साथ गोयल की बैठक ने परियोजना लागत को 23,000 करोड़ रुपए के शुरुआती अनुमान से घटाकर 16,300 करोड़ रुपए कर दिया है. वहीं लैंड-लीजिंग मानदंड 45 वर्ष की अवधि के लिए लागू होगा जिसे 99 वर्षों तक बढ़ाया जाएगा. परियोजना के लिए 800 एकड़ की कुल जमीन की आवश्यकता में से करीब 617 एकड़ रेलवे की जमीन होगी. कम लागत वाली इस परियोजना के कुमारस्वामी द्वारा निर्धारित शर्त के अनुसार जल्द ही आगे बढ़ने की उम्मीद है. पीयूष गोयल ने कहा- हालांकि यह उपनगरीय नीति के बाहर है और हमें इसे वापस जाना होगा और इसे बदलना होगा. उन्होंने कहा- पहले दिए गए दर पर जमीन की पेशकश करने के केंद्र के फैसले से इसके प्रभाव में उपनगरीय रेलवे नीति में परिवर्तन का उत्पादन करना होगा. नए सौदे से करदता को 6,700 करोड़ रुपए की बचत होगी. यह परियोजना 160 किमी तक फैली हुई है, जिसमें 12 अंतर-परिवर्तन की परिकल्पना की गई है, जहां लोग अंतिम मील कनेक्टिविटी के लिए ट्रेनों से बसों या मेट्रो रेल में बदल सकते हैं. 23,000 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत पर इसे 6 वर्षों में क्रियान्वित किया जाएगा. इसमें से लगभग 70 किमी एलिवेटेड रेल होगी.
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