महाराष्ट्र के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के सदस्य समुदाय को मिले कोटा को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से राज्य विधानसभा सत्र के पहले दिन आगामी सोमवार को यहां एक मार्च का आयोजन करेंगे. प्रदर्शन के आयोजक ओबीसी श्रेणी में मराठाओं को शामिल करने के राज्य सरकार के किसी संभावित रूख का भी विरोध कर रहे हैं. समिति के संयोजक चंद्रकांत बावकर ने बीते शुक्रवार को घोषणा की कि ओबीसी वीजेएनटी संघर्ष समिति ने दक्षिण मुंबई में भायखला से आजाद मैदान तक आगामी सोमवार को एलगार मोर्चा निकालने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन में विमुक्त जाति (जनजाति के तौर पर अधिसूचित) और घुमंतू जनजाति (वीजेएनटी) के 58 सदस्यों के साथ ही ओबीसी श्रेणी के तहत आने वाली 250 से अधिक जातिओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे. समिति पिछले साल राज्य सरकार द्वारा मराठाओं को दिए गए 16 प्रतिशत आरक्षण को खारिज करने की मांग कर रही है. उनकी अन्य मांगों में महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (एमएसबीसीसी) की रिपोर्ट को निरस्त करना भी शामिल है जिसमें बनाई गई सामाजिक और आर्थिक पिछड़ा वर्ग (एसईबीसी) के नाम की एक नई स्वतंत्र श्रेणी के तहत मराठाओं को आरक्षण देने को आधार बनाया गया है. एक सवाल के जवाब में बावकर ने कहा कि वर्तमान ओबीसी कोटा में बदलाव नहीं किया जाना चाहिए.
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