अरुणाचल प्रदेश में राज्य के बाहर के 6 समुदायों को स्थायी निवासी होने का सर्टिफिकेट देने के खिलाफ प्रदर्शन जारी है. यहां माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. रविवार दोपहर करीब एक बजे गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने डिप्टी सीएम चौने मेन के बंगले पर धावा बोल दिया और वहां आग लगा दी. ईटानगर जिला प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक डिप्टी सीएम की एक गाड़ी को भी प्रदर्शनकारियों ने जला दिया है. खबर है कि मुख्यमंत्री पेमा खांडू के घर के बार आईटीबीपी के जवानों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई. इस बीच प्रदर्शनकारियों ने राज्य के पर्यावरण एवं वन मंत्री नबाम रेबिया के घर पर भी आग लगा दी. नबाम रेबिया पीआरसी जॉइंट पॉवर हाई कमेटी के चेयरमैन भी हैं. लगातार बढ़ते तनाव को देखते हुए डिप्टी सीएम चौना मेन को रविवार सुबह ईटानगर से नामसाई जिले में शिफ्ट किया गया. इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने जिला आयुक्त के आवास पर भी आगजनी की है. शुक्रवार रात पुलिस की फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत के बाद ईटानगर में तनाव बढ़ गया है. प्रदर्शनकारी सिविल सेक्रेटेरिएट में घुसने की कोशिश कर रहे थे, इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए उन पर फायरिंग की. ईटानगर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आईटीबीपी के जवान लगातार पैट्रोलिंग कर रहे हैं. शनिवार रात ईटानगर में सेना के स्पीयर कॉर्प्स के कॉलम भेजे गए हैं. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए उनकी तैनाती की गई है. जॉइंट हाई पॉवर कमिटी ने सभी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत के बाद छह समुदायों को परमानेंट रेसिडेंट सर्टिफिकेट (पीआरसी) देने की सिफारिश की है. ये छह समुदाय राज्य के मूल निवासी नहीं हैं. हालांकि, दशकों से नामसाय और चांगलांग जिलों में रह रहे हैं. न्यूज18 के लिए बीजू कुमार डेका की रिपोर्ट
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