मोबाइल गेम पबजी को लेकर विरोध बढ़ता ही जा रहा है. इस पर बैन लगाने के लिए एक 11 साल का बच्चा गुरुवार को बंबई हाईकोर्ट पहुंच गया और उसने कहा कि यह गेम हिंसा, हमला और साइबर बुलिंग को बढ़ावा देता है. टीओआई के मुताबिक बच्चे का नाम अहद निजाम है और उसने अपनी मां के जरिए बंबई हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. निजाम ने कहा कि कोर्ट को पबजी पर बैन लगाना चाहिए और महाराष्ट्र सरकार को इस संबंध में निर्देश देना चाहिए. निजाम की मां के वकील तनवीर निजाम ने बताया, याचिका में यह मांग भी की गई है कि एक ऑनलाइन आचार समीक्षा समिति गठित करने के लिए केंद्र को निर्देश दिया जाए. अब इस मामले की सुनवाई एनएच पाटिल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के सामने हो सकती है. गौरतलब है कि PubG गेम दिसंबर 2017 में लॉन्च हुआ था, जिसके बाद से कई लोग इस गेम के फैन हो गए थे. ये गेम बच्चों से लेकर युवाओं में काफी फेमस है. हाल ही में जम्मू कश्मीर में इस गेम को बैन करने की मांग भी उठी थी. तब बताया गया था कि इस गेम की वजह से बच्चों के रिजल्ट पर काफी बुरा असर पड़ता है. परीक्षा में चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने भी एक स्टूडेंट की मां के सवाल के जवाब में इस गेम का जिक्र किया था. चर्चा के दौरान एक बच्चे की मां ने पीएम मोदी को बताया था कि ऑनलाइन गेम्स की वजह से उनका बच्चा पढ़ाई से दूर हो रहा है. तब पीएम मोदी ने बड़े ही मजेदार तरीके से पूछा, ' Pub-G वाला है क्या?' पीएम मोदी के सवाल पर वहां मौजूद सभी लोग खिलखिला उठे थे. ये भी पढ़ें: हरियाणा में बीजेपी को संजीवनी, JJP का उदय, कांग्रेस को नया सोचने की जरूरत ये भी पढ़ें: 'हिट एंड रन पॉलिटिक्स' जब केजरीवाल छोड़ चुके हैं तो राहुल इसे क्यों शुरू कर रहे हैं?
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