उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में अवैध शराब के सेवन हुई मौतों के मामले में राज्य सरकार के जवाब मांगा है. इस घटना में उत्तराखंड और उसके पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में करीब 100 लोगों की मौत हो गई थी. मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति रमेश चंद्र खुल्बे की पीठ ने इस घटना को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को दस दिन के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. हरिद्वार निवासी प्रमोद शर्मा ने ये जनहित याचिका दायर की है. याचिका में हरिद्वार के जिला आबकारी अधिकारी को निलंबित करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है. याचिका में इस मामले की सीबीआई से जांच कराने का अनुरोध भी किया गया है. जहरीली शराब पीने से उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के करीब 100 लोगों की मौत हो गई थी. इनमें से कम से कम 36 लोग अकेले उत्तराखंड के थे. इस मामले में तीन हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है और हजारों लीटर शराब जब्त की गई. उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के दो सीमावर्ती जिलों सहारनपुर और हरिद्वार में जहरीली शराब पीने से करीब 100 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. सीएम योगी ने कहा था कि जहरीली शराब का रैकेट उत्तराखंड से संचालित हो रहा था, इसलिए उन्होंने वहां के मुख्यमंत्री से भी बात की. उन्होंने बताया कि सहारनपुर और कुशीनगर जिलों के आबकारी अधिकारियों सहित कई कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.
from Latest News देश Firstpost Hindi http://bit.ly/2BBS15N
from Latest News देश Firstpost Hindi http://bit.ly/2BBS15N
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें