मराठा आरक्षण मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट 14 फरवरी को सुनवाई करेगा. गौरतलब है कि 30 नवंबर, 2018 को महाराष्ट्र विधानमंडल ने मराठाओं के लिए 16 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था वाला विधेयक पारित किया था. Maratha Reservation matter: Bombay High Court fixes 14 February as the next date of hearing. pic.twitter.com/UvEbz1LsBF — ANI (@ANI) February 8, 2019 विधेयक के पारित होने के बाद मराठा आरक्षण के पक्ष और विपक्ष में कई याचिकाएं हाईकोर्ट में दायर की गई थीं. मराठा आरक्षण को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट से कहा था कि मराठाओं को आरक्षण देने का महाराष्ट्र सरकार का फैसला चुनावी हथकंडा और राजनीति से प्रेरित है. उन्होंने यह भी दावा किया था कि सरकार के पास ऐसा फैसला करने की विधायी शक्ति नहीं है. न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और न्यायमूर्ति भारती डांगरे की खंडपीठ ने बड़ी तादाद वाले मराठा समुदाय के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में दाखिले में 16 फीसदी आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर बुधवार को आखिरी सुनवाई शुरु की थी. एक और याचिकाकर्ता संजीत शुक्ला के वकील अरविंद दातर ने कहा था कि सरकार के इस फैसले को निरस्त कर दिया जाए, क्योंकि सरकार के पास ऐसा विधेयक पारित करने की विधायी शक्ति नहीं है. (एजेंसी इनपुट के साथ) ये भी पढ़ें: कनार्टकः नाराज चल रहे 10 विधायक नहीं पहुंचे थे सदन, आज कुमारस्वामी पेश करेंगे बजट ये भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में पीएम मोदी: पढ़ें प्रधानमंत्री के भाषण की 10 बड़ी बातें
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