सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले को लेकर एक नई याचिका दायर की गई है. इस याचिका के तहत याचिकाकर्ताओं ने अयोध्या भूमि अधिग्रहण एक्ट 1993 को चुनौती दी है. याचिकाकर्ताओं ने याचिका के जरिए अधिग्रहण की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए अपील की है कि अयोध्या भूमि अधिग्रहण एक्ट को निरस्त कर दिया जाए. A plea filed in Supreme Court challenging the Constitutional validity of 'The Acquisition of Certain Area At Ayodhya Act, 1993'. — ANI (@ANI) February 4, 2019 गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव सरकार ने 1993 में लगभग 67.073 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था.जिसके बाद 42 एकड़ जमीन वापस लेने के लिए 6 जून 1996 को न्यास द्वारा दिए गए प्रतिवेदन को केंद्र सरकार ने 14 अगस्त 1996 को निरस्त कर दिया था. इसके विरुद्ध न्यास द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई, जिस पर 21 जुलाई 1997 के आदेश से अदालत ने कोई राहत देने से इंकार कर दिया. पिछले दिनों अयोध्या विवाद पर नरेंद्र मोदी सरकार ने केंद्रीय गृह सचिव के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी. केंद्र सरकार ने इस अर्जी में कहा था कि जमीन का विवाद सिर्फ 0.313 एकड़ का है और बकाया गैर-विवादित जमीन को रामजन्मभूमि न्यास और अन्य लोगों को वापस करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा मंजूरी दी जाए.
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