उत्तर प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर राज्य में महाहड़ताल हो रही है. योगी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को हड़ताल करने से रोकने के लिए एस्मा यानी Essential Services Maintenance Act भी लगा दिया था, लेकिन 6 फरवरी से प्रस्तावित ये महाहड़ताल करने के लिए कर्मचारी अड़े हुए हैं. न्यूज18 हिंदी की खबर के मुताबिक, बुधवार से शुरू हो रही महाहड़ताल के तहत 200 में से 150 संगठनों के 20 लाख से ज्यादा कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी 'पुरानी पेंशन बहाली मंच' के बैनर तले एक हफ्ते तक हड़ताल पर रहेंगे. हालांकि, सरकार ने छह फरवरी से प्रस्तावित कर्मचारी, शिक्षक एवं अधिकारियों की हड़ताल पर प्रतिबंध लगा दिया है. सरकार की ओर से इस हड़ताल को गैर-कानूनी घोषित किया गया है. वहीं ये भी कहा गया है कि जो भी कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल होंगे, उनका वेतन काट लिया जाएगा. एस्मा के तहत राज्य में पांच जून तक कर्मचारियों की हड़ताल पर प्रतिबंध रहेगा. मुख्य सचिव ने सभी मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि हड़ताल पर जाने और दूसरे कर्मचारियों को हड़ताल के लिए बाध्य करने वाले कर्मचारियों पर ऐस्मा के तहत कार्रवाई करें. यहां तक कि सरकार ने ये भी कहा है कि जो कर्मचारी इसमें शामिल नहीं होंगे, उन्हें प्रशासन की ओर से सुरक्षा दी जाएगी. साथ ही मुख्य सचिव ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया है कि केंद्र सरकार की ओर से कर्मचारियों को पेंशन में दिया जाने वाला अनुदान राज्य सरकार भी देगी. इस हड़ताल का राज्य पर काफी बड़ा असर हो सकता है क्योंकि फिलहाल चुनावों और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियां होनी हैं, लेकिन कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से ये काम ठप हो जाएगा. मुख्य सचिव अनूप पांडेय ने कर्मचारियों से कहा है कि बोर्ड परीक्षा को ध्यान में रखते हुए ये कर्मचारी हड़ताल पर न जाएं.
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