पुणे में रहने वाले 25% लोग अपने घर से बाहर निकलते समय दरवाजा बंद नहीं करते. यानी उन्हें ना चोरी का डर है ना ही किसी तरह की दुर्घटना का. ऐसा भी नहीं है कि वह यह रिस्क किसी सिक्योरिटी गार्ड या वॉचमैन के भरोसे ले रहे हैं. एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि बीते कुछ सालों में यह शहर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बच्चों के लिए काफी सुरक्षित हो गया है. इस सर्वेक्षण से जो डेटा सामने आए हैं, उसके अनुसार यह निष्कर्ष निकलता है कि स्थानीय लोग अक्सर घर से बाहर निकलने के दौरान अपने घर को बंद करना भूल जाते हैं. मिरर नाउ के अनुसार गोदरेज सिक्योरिटी सॉल्यूशंस ने पिछले तीन महीनों के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों का सर्वेक्षण किया. इसके अनुसार सुरक्षा जागरूकता मानदंडों में, पुणे देश के अन्य शहरों की तुलना में सबसे पीछे है. शहर का 16 प्रतिशत हिस्सा ही सीसीटीवी कैमरे से कवर सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाने के संदर्भ में भी पुणे के लोग पीछे दिखते हैं. देश के अन्य प्रमुख शहर जहां उनका 43 प्रतिशत हिस्सा सीसीटीवी कैमरे की नजर में है, पुणे शहर के 16 प्रतिशत हिस्से में ही सीसीटीवी कैमरें लगे हैं. ये सर्वेक्षण पुणे सहित देश भर के प्रमुख मेट्रो शहरों में आयोजित किए गए थे. इसके दौरान पुणे में करीब 250 लोगों से डायरेक्ट बात की गई. पुणे में केवल 16 प्रतिशत लोगों ने ही अपने घर और कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं. इसके अलावा, 25 प्रतिशत लोग अपने घर से बाहर निकलते समय दरवाजा लॉक करना भूल जाते हैं. पुणे के केवल 30 प्रतिशत निवासी कीमती सामान रखने के लिए लॉकर का विकल्प पसंद करते हैं. वहीं 27.5 प्रतिशत लोग जो घर का दरवाजा बंद करते हैं, वो उसकी चाभी वहीं दरवाजे के बगल में रखने की तरजीह देते हैं. 10 में से तीन लोगों ने घर छोड़ने से पहले खिड़कियों को बंद करने के बारे में सचेत नहीं होने की बात स्वीकार की है.
from Latest News देश Firstpost Hindi http://bit.ly/2RUNCA9
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