भारतीय वायु सेना की मानवरहित युद्ध क्षमता को और मजबूत बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने 54 इजरायली HAROP ड्रोन की खरीद को मंजूरी दे दी है. ये किलर ड्रोन दुश्मन के हाई-वैल्यू मिलिट्री टारगेट को पूरी तरह से नेस्तो नाबूद कर सकता है. वायु सेना के पास पहले से ही इन ड्रोनों में से लगभग 110 की एक लिस्ट है, जिसे अब पी-4 के रूप में बदल दिया गया है. ये ड्रोन इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर से लैस होते हैं. जो विस्फोट करने से पहले हाई वैल्यू वाले सैन्य ठिकानों जैसे निगरानी के ठिकाने और रडार स्टेशनों पर निगरानी भी कर सकते हैं. The Defence Ministry approved 54 Israeli HAROP attack drones which can crash into high-value enemy military targets to destroy them. Read @ANI story | https://t.co/9yuhIkcelz pic.twitter.com/fdsSGrRCMI — ANI Digital (@ani_digital) February 12, 2019 चीन और पाकिस्तान के बॉर्डर पर किया जाएगा तैनात न्यूज एजेंसी एएनआई के सूत्रों के मुताबिक पिछले सप्ताह एक हाई लेवल मीटिंग में रक्षा मंत्रालय ने इन 54 हमलावर ड्रोनों की खरीद को मंजूरी दे दी थी. भारतीय वायु सेना के अधिकारियों ने कहा कि ये प्रोजेक्ट वायु सेना की क्षमताओं को और मजबूत कर देगा. इसकी क्षमताओं का प्रदर्शन आगामी अभ्यास वायुशक्ति के दौरान देखने को मिल सकता है. जहां इसे एक नकली दुश्मन राडार टारगेट को नष्ट करते हुए दिखाया जाएगा. भारत इजरायल के साथ प्रोजेक्ट चीता पर भी बातचीत कर रहा है जिसके तहत तीनों सेनाओं के लगभग सभी ड्रोन को उच्च गुणवत्ता वाले किलर ड्रोन में बदल दिया जाएगा और उनकी निगरानी क्षमताओं को भी बढ़ाया जाएगा. तीनों सेनाओं के पास इन मानव रहित हवाई वाहनों के 100 से अधिक बेड़े हैं. सेना स्वदेशी लड़ाकू ड्रोन विकसित करने पर भी काम कर रही है, इस प्रोजेक्ट के पूरे होने के बाद इन्हें चीन और पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात किया जाएगा.
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