एपल और गूगल को मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि इन्होंने एक ऐसे ऐप को होस्ट किया जो सऊदी अरब में पुरुषों को यह सुविधा देता है कि वह महिलाओं को ट्रैक कर सकते हैं और उनकी गतिविधियों को कंट्रोल कर सकते हैं. हिंदुस्तान टाइम्स ने इनसाइडर के हवाले से बताया कि इस ऐप का नाम नाम अबशेर है. इस ऐप के जरिए महिलाओं को यात्रा करने की अनुमति पुरुष दे सकते हैं और अगर महिला बॉर्डर पर अपना पासपोर्ट प्रयोग करेगी तो इस ऐप के जरिए पुरुष के पास एसएमएस आ जाएगा. यह ऐप गूगल प्ले और एपल के ऐप स्टोर पर मौजूद है जिसके बाद इस मामले पर विवाद बढ़ गया है. एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट वॉच और एक महिला अधिकार एक्टिविस्ट ने एपल और गूगल को इस ऐप की होस्टिंग करने पर दोबारा विचार करने के लिए कहा है. सऊदी कानून के मुताबिक महिलाओं के लिए यह जरूरी है कि उनके पास एक कानूनी संरक्षक हो जो उनकी यात्रा पर बंदिश लगा सकता है. हालांकि ह्यूमन राइट वॉच का कहना था कि Apple और Google के पास ऐसे ऐप्स के विरुद्ध नियम हैं जो खतरों और उत्पीड़न की सुविधा देते हैं. इस तरह के ऐप महिलाओं के खिलाफ भेदभाव सहित मानवाधिकार हनन की सुविधा प्रदान कर सकते हैं. एमनेस्टी इंटरनेशनल ने ऐपल और गूगल से मांग की है कि इस ऐप पर लगाम लगाई जाए. ये भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ नान घोटाले में DGP और SP सस्पेंड, EOW ने दर्ज कराई थी FIR ये भी पढ़ें: Kumbh 2019: 'जयति प्रयाग' उद्घोष के बीच नौ विदेशी संतों की दी गई महामंडलेश्वर की उपाधि
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