सोमवार को अन्ना हजारे की भूख हड़ताल के छठे दिन महाराष्ट्र नवनिर्माण समिति प्रमुख राज ठाकरे उन से मिलने पहुंचे. अन्ना से अनशन खत्म करने की अपील करते हुए ठाकरे ने कहा कि इसकी जगह उन्हें 2019 लोकसभा चुनावों में बीजेपी सरकार को हराने के लिए काम करना चाहिए. अपनी मुलाकात के बाद ठाकरे ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'बीजेपी को कोई परवाह नहीं है कि वे (अन्ना) जिएं या मरें. मैनें उनसे कहा के इन बेकार लोगों के लिए अपनी जान जोखिम में ना डालें.' ठाकरे ने कहा, 'मैंने उनसे कहा कि चलिए जनता के सामने चलते हैं और आगामी चुनाव में उनको खत्म कर देते हैं.' एक जैसे ही हैं मोदी और केजरीवाल एमएनएस प्रमुख ने कहा, 'बीजेपी लोगों का उपयोग करती है फिर उन्हें खत्म कर देती है.' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी झूठे हैं. राज ठाकरे ने कहा, 'दिसंबर 2013 में उन्होंने (मोदी ने) लोकपाल का समर्थन किया था. अब वह सत्ता में हैं लेकिन कुछ नहीं कर रहे हैं.' ठाकरे ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी हमला किया और उनको भी प्रधानमंत्री मोदी की तरह ही बताया. उन्होंने कहा, 'लोगों को यह नहीं पता था कि अन्ना आंदोलन से पहले वह (केजरीवाल) कैसे दिखते थे. अब वह यहां आने और अन्ना का हाल जानने तक की जेहमत नहीं उठा रहे हैं. केजरीवाल और मोदी दोनों ने अन्ना का इस्तेमाल किया और उन्हें भूल गए.' केंद्र सरकार द्वारा लोकपाल की नियुक्ति नहीं किए जाने को लेकर अन्ना हजारे अपने गांव रालेगण सिद्धि में भूख हड़ताल कर रहे हैं. उनका कहना है कि बीजेपी लोकपाल आंदोलन का इस्तेमाल कर सत्ता में आई है और अब लगता है कि उन्हें लोकपाल से एलर्जी हो गई है. अभी पांच दिनों तक और बैठ सकता हूं धरने पर- अन्ना ठाकरे से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए, अन्ना ने कहा कि उन्हें बीजेपी की तरफ से एक केंद्रीय मंत्री के आने की सूचना मिली थी. जो उनसे मिलने और मुद्दों पर चर्चा करने की योजना बना रहे थे. लेकिन अन्ना ने बीजेपी के वार्ताकार से मिलने से इनकार कर दिया. और सरकार से लोकपाल बिल पर अपना रुख स्पष्ठ करने के लिए कहा. अन्ना हजारे ने कहा, 'लोकपाल की नियुक्ति के लिए कुछ नहीं करने के बाद यहां आने और मुझसे मिलने का क्या फायदा? यह केवल लोगों को गलत संकेत भेजेगा. मैंने उन्हें (केंद्र सरकार को) पहले लोकपाल पर अपना रुख साफ करने के लिए कहा है.' इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अन्ना अपना उपवास जारी रखने के इच्छुक हैं और उन्हें भरोसा है कि वह पांच और दिन उपवास कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकारों ने पिछले कई सालों से अपने वादे पूरे न करके उन्हें गुमराह किया है.
from Latest News देश Firstpost Hindi http://bit.ly/2G8L0xc
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