16वीं लोकसभा का आखिरी बजट सत्र पेश किया जा चुका है. संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा और यह वर्तमान सरकार के तहत संसद का यह अंतिम सत्र होगा. इस सत्र के दौरान 10 बैठकें होंगी. कार्यवाहक वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने मोदी सरकार के अंतरिम बजट में मध्ययवर्गियों के लिए बड़ी घोषणा की है. जानें अंतरिम बजट में मिडल क्लास को क्या मिला? - इनकम टैक्स पर बहुत बड़ी छूट. बजट सेशन के दौरान वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि 5 लाख के इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, पहले ये सीमा 2.5 लाख हुआ करता था. इसके साथ ही पहले से चली आ रही व्यवस्था के तहत 1.5 लाख रुपए की बचत पर भी कोई टैक्स नहीं लगेगा. इसका मतलब हुआ कि अब आपके 6.50 लाख रुपए का इनकम टैक्स फ्री होगा. - स्टैंडर्ड डिडक्शन में भी बढ़त सरकार ने स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाते हुए 50 हजार कर दिया है.पहले यह सीमा 40 हजार रुपए थी. - एचआरए में भी इजाफा कर इसे 2.40 लाख रुपए तक पहुंचा दिया गया है. - जिनका ईपीएफ कटता है उनको 6 लाख का बीमा - घर खरीदने पर जीएसटी घटाने पर सरकार ने फैसला विचाराधीन रखा है.पांच साल में मोबाइल डाटा 50 गुना बढ़ा है. छोटे कारोबारियों को जीएसटी से राहत दी गई है. वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी की दर सरकार ने धीरे-धीरे कम किए हैं. - कम आमदनी वाले श्रमिकों को गारंटीड पेंशन मिलेगा. 100 रुपए प्रति महीने के अंशदान पर 60 साल की आयु के बाद 3000 रुपए प्रति माह पेंशन की व्यवस्था होगी.वित्त मंत्री ने कहा कि श्रमिक की मौत पर उनकी सरकार छह लाख रुपए का मुआवजा देगी. - अंतरिम वित्त मंत्री ने कहा है कि उनकी सरकार श्रमिकों का बोनस बढ़ाकर 7 हजार रुपए कर दी है. यहां तक कि 21 हजार रुपए तक के वेतन वालों को बोनस मिलेगा. उन्होंने पीएम श्रमयोगी मानधन योजना की घोषणा की है. सरकारी कर्मचारियों को भी खुश करने की कोशिश 2019 के बजट में सरकारी कर्मचारियों को भी खुश करने की कोशिश की है. इसके लिए बजट में ग्रेच्युटी और पेंशन स्कीम को लेकर बड़ा ऐलान किया गया है. कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में अपने बजट भाषण में कहा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए न्यू पेंशन स्कीम लागू की गई है. नई पेंशन स्कीम में सरकार के योगदान को 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया है. जो लोग 21 हजार रुपए प्रतिमाह कमाते हैं उन्हें बोनस दिया जाएगा. बोनस को बढ़ा कर 7 हजार रुपए तक किया गया है. वित्त मंत्री ने ये भी कहा कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने के बाद उसकी सिफारिशों को सरकार ने जल्द से जल्द लागू किया. पीयूष गोयल ने ऐलान किया कि ग्रेच्युटी की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दिया गया है. हर श्रमिक के लिए न्यूनतम पेंशन अब एक हजार रुपए हो चुकी है. इस योजना का लाभा लेने के लिए हर महीने 55 रुपए देने होंगे. रिक्शा और कचरा बीनने वालों को भी इस स्कीम से फायदा होगा. 60 साल पूरे होने के बाद हर महीने 3000 रुपए मिलेंगे. ये पेंशन योजना इसी वित्तीय वर्ष से शुरू होगी. - वहीं मौजूदा आरक्षण व्यवस्था को बरकरार रखा है. बता दें कि गरीबों के लिए शैक्षिण संस्थानों में और सरकारी नौकरी में सामान्य वर्ग के कमजोर लोगों के लिए 10 फीसदी का आरक्षण दिया गया है.
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