प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अरुणाचल प्रदेश दौरे से चीन पूरी तरह बौखला गया है. चीन के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को पीएम मोदी की यात्रा की जमकर निंदा की. चीन ने कहा कि वह इस क्षेत्र में भारतीय नेताओं का पूरी तरह से विरोध करता है. आगामी लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी का समर्थन जुटाने के लिए प्रधानमंत्री शनिवार को उत्तर-पूर्वी राज्यों के दौरे पर थे. अरुणाचल प्रदेश के अलावा पीएम असम और त्रिपुरा में भी जनसभा कर रहे हैं. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के हाल के प्रयासों के बावजूद भारत-चीन सीमा पर विवाद बना हुआ है. चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा, 'चीन भारत से यह अपील करता है कि द्विपक्षीय संबंधों की पूरी स्थिति को देखते हुए वे चीन की चिंता और उसके हितों का सम्मान करे, दोनों देशों के बीच संबंधों की प्रगति पर ध्यान दे और उन चीजों से दूर रहे जिनसे विवाद पैदा हो सकती हैं बॉर्डर से जुड़े संवेदनशील मुद्दे और जटिल हो सकते हैं.' MEA's response to media query on Chinese MFA’s statement on PM's visit to Arunachal Pradesh today: This consistent position has been conveyed to Chinese side on several occasions https://t.co/Vg9xAyMzG9 — ANI (@ANI) February 9, 2019 इस पर भारत के विदेश मंत्रालय ने जवाब में कहा, अरुणाचल प्रदेश राज्य भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य अंग है. भारतीय नेता समय-समय पर अरुणाचल प्रदेश का दौरा करते हैं, क्योंकि वे भारत के अन्य हिस्सों में भी जाते हैं. यह बात कई अवसरों पर चीनी पक्ष को बताई जा चुकी है.' साल 2017 में डोकलाम विवाद के वक्त दोनों देशों की सेनाओं के आमने-सामने आने के बाद दोनों ही पक्ष आपसी विश्वास बहाली और संबंध बेहतर करने के प्रयास में लगे हुए हैं. प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पिछले साल कई व्यापार वार्ता की ताकि उन्हें गति दी जा सके. लेकिन, भारत सरकार के अधिकारियों और कई भारतीय व्यापार ईकाई प्रतिनिधियों के अनुसार, यह प्रगति काफी धीमी रही है.
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