सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अंबानी और दो अन्य के खिलाफ 550 करोड़ रुपए की बकाया राशि का भुगतान नहीं करने के कारण उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही के लिए एरिक्सन इंडिया की याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली है. बुधवार को सुनवाई पूरी करने के बाद कोर्ट ने निर्णय लिया कि न्यायालय इस पर बाद में फैसला सुनाएगा. जस्टिस आर एफ नरिमन और जस्टिस विनीत शरण की पीठ ने संबंधित पक्षों को सुनने के बाद कहा कि इस पर फैसला बाद में सुनाया जाएगा. इस मामले की सुनवाई के दौरान एरिक्सन इंडिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानबूझ कर अवज्ञा की गई है और इसके लिए उनके खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए. Supreme Court reserves its judgement on a contempt plea filed against Reliance Communication (RCom) chairman Anil Ambani by Ericsson India over not clearing its dues of Rs 550 crore; Anil Ambani leaves from the Supreme Court, Delhi pic.twitter.com/JhwfHQfbvj — ANI (@ANI) February 13, 2019 आरकॉम की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि इसमें अवमानना कार्रवाई का कोई मामला नहीं बनता क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के किसी आदेश का उल्लंघन नहीं किया गया है. अनिल अंबानी, रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के चेयरमैन सतीश सेठ और रिलायंस इंफ्राटेल लिमिटेड की चेयरपर्सन छाया विरानी इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद थे. कोर्ट ने पिछले साल 23 अक्टूबर को आरकॉम से कहा था कि वह 15 दिसंबर, 2018 तक बकाया राशि का भुगतान करे और ऐसा नहीं करने पर उसे 12 फीसदी सालाना की दर से ब्याज भी देना होगा. एरिक्सन ने अनिल अंबानी और दो अन्य के खिलाफ अवमानना कार्रवाई करने का अनुरोध करते हुए याचिका में दावा किया कि उन्होंने 15 दिसंबर, 2018 तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया है.
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