जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले के बाद 44 जवान शहीद हो गए हैं. इस हमले के बाद शुक्रवार को राजनाथ सिंह श्रीनगर पहुंचे. यहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और पार्थिव शरीर को कंधा भी दिया. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि सरकार पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर काम कर रहे लोगों की सुरक्षा पर पुनर्विचार करेगी. उनका परोक्ष इशारा अलगाववादी नेताओं की तरफ था. दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने के मामले में उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता के बाद गृह मंत्री ने कहा कि अब जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों के काफिले गुजरने के दौरान आम नागरिकों की आवाजाही पर पाबंदी रहेगी. सिंह ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेताओं समेत अलगाववादियों का परोक्ष जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान और उसकी जासूसी एजेंसी आईएसआई से पैसे पा रहे लोगों को दी गई सुरक्षा पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए. सिंह ने कश्मीर के अपने एक दिन के दौरे के समापन पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘ऐसे तत्व और ताकतें हैं जो पाकिस्तान और आईएसआई से धन लेते हैं. मैंने संबंधित अधिकारियों से उनकी सुरक्षा पर पुनर्विचार करने को कहा है.’ गृह मंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर में कुछ तत्वों के तार आईएसआई और आतंकवादी संगठन से जुड़े हैं, लेकिन सरकार उनकी सोच को परास्त करेगी. उन्होंने कहा, ‘ऐसे लोग जम्मू कश्मीर की जनता और राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ खेल रहे हैं. आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई निर्णायक दौर में है और मैं देश को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम इसमें जीतेंगे.’ सांप्रदायिक सौहार्द और शांति बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं पिछले तीन दशक में राज्य में सुरक्षा बलों पर हुए सबसे भयावह आतंकी हमले के बाद पहुंचे गृह मंत्री ने यहां एक अस्पताल में इलाज करा रहे घायल जवानों का हालचाल जाना. सिंह ने कहा कि फैसला किया गया है कि सुरक्षा बलों के बड़े काफिले जब गुजरेंगे तो असैन्य यातायात कुछ समय के लिए रोका जाएगा. उन्होंने कहा, ‘इससे असुविधा हो सकती है और इसके लिए मैं अफसोस जताता हूं लेकिन जवानों की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है.’ राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्होंने सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आत्मघाती आतंकी हमले के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा, ‘सुरक्षा बलों का मनोबल ऊंचा है.’ उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों के शोक-संतप्त परिवारों के साथ हैं. सिंह ने कहा, ‘मैंने सभी राज्य सरकारों से शोक-संतप्त परिवारों को अधिक से अधिक मदद देने को कहा है.’ जब गृह मंत्री से पूछा गया कि क्या सुरक्षा में चूक की वजह से हमला हुआ, तो उन्होंने कहा कि घटना की जांच की जा रही है. शुक्रवार को जम्मू में भड़की हिंसा पर गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्य प्रशासन ने ऐसे तत्वों के साथ पूरी ताकत से निपटने को कहा है जो सांप्रदायिक सौहार्द और शांति बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं.
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