लोकपाल गठन की मांग को लेकर सत्याग्रह कर रहे समाजसेवी अन्ना हजारे का अनशन जारी है. आज यानी मंगलवार को उनके अनशन पर बैठने का सातवां दिन है. इस बीच खबर है कि महाराष्ट्र सरकार ने अन्ना के आगे झुकते हुए उनकी तकरीबन सभी मांगें मान ली है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसका हवाला देकर अन्ना से अपना अनशन तोड़ने की अपील की है. Maharashtra govt agreed to accept almost all of #AnnaHazare’s demands, requested him to call off his indefinite fast: @Dev_Fadnavis pic.twitter.com/PrrTRDBjjU — All India Radio News (@airnewsalerts) February 5, 2019 इससे पहले अनशन के पांचवें दिन रविवार को अन्ना ने केंद्र सरकार के रवैये से नाराज होकर अपना पद्म भूषण सम्मान वापस लौटाने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि मैंने यह सम्मान पाने के लिए काम नहीं किया था. आपने (सरकार) इसे मुझे इसलिए दिया था क्योंकि मैं देश के लिए सेवाभाव से काम कर रहा था. अब यदि देश और समाज इस हालत में है तो मैं इसे (पद्म भूषण) को अपने पास क्यों रखूं. Anna Hazare: I will be returning my Padma Bhushan award to the President. I did not work for that award, you only gave me that while I was working for social cause & the country. If the country or society is in this condition, then why should I keep that? (03.02.19) pic.twitter.com/bch2mmw08o — ANI (@ANI) February 4, 2019 इसके अलावा केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा था कि यदि उन्हें कुछ होता है तो देश की जनता इसके लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार माने. People will hold PM responsible if anything happens to me: Anna Hazare Read @ANI Story| https://t.co/pz2qUbzufq pic.twitter.com/m1VBdl57yp — ANI Digital (@ani_digital) February 3, 2019 बता दें कि अन्ना बीते हफ्ते बुधवार से अपने गांव रालेगण सिद्धि में भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं. देश और महाराष्ट्र में लोकपाल गठन की मांग को लेकर अन्ना तीसरी बार भूख हड़ताल पर बैठे हैं.
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