तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मौत के बाद से सवालों का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. इसी क्रम में अब चेन्नई के अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज लिमिटेड ने मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मौत की जांच कर रही अरुमुगमस्वामी जांच आयोग की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की है. Apollo Hospitals Enterprise Limited, Chennai has approached Madras High Court seeking interim stay on proceedings of the Arumughaswamy Commission of Inquiry which is probing the death of former Tamil Nadu Chief Minister Jayalalithaa. pic.twitter.com/AznCO9Ao7C — ANI (@ANI) February 9, 2019 इसके पहले न्यायमूर्ति ए अरुमुगस्वामी आयोग के स्थायी वकील मोहम्मद जाफरुल्लाह खान ने एक याचिका में राधाकृष्णन और राव पर प्रतिवादी के तौर पर मुकदमा चलाने की मांग की थी. जांच आयोग के वकील ने एक याचिका में आरोप लगाया था कि तमिलनाडु के स्वास्थ्य सचिव जे राधाकृष्णन ने अपोलो अस्पताल के साथ साठगांठ और साजिश की तथा उनका ‘अनुपयुक्त उपचार’ किया. ये भी पढ़ें: क्या तमिलनाडु के सचिव ने रची थी जयललिता के मौत की साजिश ? आयोग के वकील ने यह भी आरोप लगाया था कि 2016 में जयललिता को अस्पताल में भर्ती किए जाने के समय तत्कालीन मुख्य सचिव पी राम मोहन राव ने ‘जानबझकर झूठे सबूत दिए’. हालांकि इन अरोपों का स्वास्थ्य सचिव और अस्पताल दोनों ने जोरदार खंडन किया था. ये भी पढ़ें: तमिलनाडु के कानून मंत्री ने लगाया जयललिता की मौत के पीछे साजिश का आरोप साथ ही कमीशन ने यूके के डॉक्टर रिचार्ड बेल, उप मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम, राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सी विजयभास्कर और लोकसभा के डिप्टी स्पीकर एम थमबिदुराई को समन भेजा था. ये भी पढ़ें: जयललिता की मौतः पैनल ने उपमुख्यमंत्री समेत कई लोगों को समन भेजा, यूके के डॉक्टर से भी होगी पूछताछ
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