प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कॉरपोरेट लॉबिस्ट दीपक तलवार के धनशोधन के एक मामले में भगोड़े कारोबारी विजय माल्या से रिश्ते हैं. ईडी का आरोप है कि तलवार ने विदेशी निजी एयरलाइंस के पक्ष में बिचौलिए की भूमिका निभाई जिससे राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर इंडिया को नुकसान हुआ. विशेष न्यायाधीश संतोष स्नेही मान ने तलवार की ईडी की हिरासत 12 फरवरी तक बढ़ा दी. ईडी ने अदालत से कहा कि तलवार का सामना उनके बेटे आदित्य तलवार से कराना है.आदित्य फिलहाल विदेश में मौजूद हैं और जांच एजेंसी ने उन्हें तथा तलवार के करीबी यास्मीन कपूर को 11 फरवरी को तलब किया है. ईडी ने अदालत से कहा था कि उसे तलवार से पूछताछ करके नागर विमानन मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय विमानन कंपनी लिमिटेड और एयर इंडिया के उन अधिकारियों का नाम पता करना है जिन्होंने कतर एयरलाइंस, एमीरेट्स और एयर अरेबिया सहित विदेशी एयरलाइंस का पक्ष लेकर उसे फायदा पहुंचाया. ईडी के विशेष लोक अभियोजक नीतेश राणा ने अदालत में दावा किया कि जांच में तलवार के भगोड़े विजय माल्या के साथ संबंधों का खुलासा हुआ है और कालेधन का पता लगाने के लिए जांच जारी है. उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय हवाई सेवा बातचीत के संबंध में और फैसलों को प्रभावित करने में तलवार की भूमिका की जांच की जा रही है. ईडी ने कहा कि तलवार जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और सीधे-सीधे जवाब नहीं दे रहे हैं. तलवार को 30 जनवरी को दुबई से भारत लाया गया था ईडी ने कोर्ट से तलवार को सात दिन के लिए हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति मांगी थी. अदालत ने इससे पहले ईडी को सात दिन के लिए हिरासत में उससे पूछताछ की अनुमति दे दी थी. किंगफिशर एयरलाइंस के 62 साल के पूर्व प्रमुख कथित रूप से करीब नौ हजार करोड़ रुपए के धनशोधन एवं धोखाधड़ी के आरोपों में भारत में प्रत्यर्पित किये जाने की प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं. वह पिछले साल अप्रैल में गिरफ्तार होने के बाद प्रत्यर्पण वारंट पर ब्रिटेन में जमानत पर रिहा चल रहे हैं. ब्रिटेन के गृह मंत्री साजिद जावेद ने सोमवार को माल्या का भारत में प्रत्यर्पण का आदेश दिया था जो उनके लिए बड़ा झटका है. माल्या की दिसंबर में ब्रिटेन की अदालत में उनके प्रत्यर्पण के खिलाफ कानूनी जंग में हार हुई थी. ईडी की हिरासत में मौजूद तलवार को 30 जनवरी को दुबई से लाया गया था और यहां उतरने पर एजेंसी ने उसे गिरफ्तार किया था. तलवार पर आपराधिक साजिश, फर्जीवाड़ा करने और विदेशी चंदा विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं.केंद्र की पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के दौरान कुछ उड्डयन सौदों में भी उनकी भूमिका जांच के दायरे में है. ईडी और सीबीआई ने भ्रष्टाचार के आपराधिक मामलों में तलवार के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं जबकि आयकर विभाग ने उसपर कर चोरी का आरोप लगाया है.
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