सिनेमा, संगीत और कला के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए मशहूर डॉक्टर भूपेन हजारिका को भारत रत्न देने का ऐलान किया गया था. इस बीच भूपेन हजारिका के बेटे तेज हजारिका ने भारत रत्न लेने से इनकार कर दिया था. उन्होंने यह फैसला नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध के चलते लिया था. भूपेन हजारिका के भाई समर हजारिका ने फ़र्स्टपोस्ट से कहा कि हमारा परिवार भारत रत्न के लिए आभारी है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि भूपेन के बेटे तेज हजारिका के कमेंट का गलत अर्थ निकाला गया और परिवार पुरस्कार अस्वीकार करने पर विचार नहीं कर रहा है. समर हजारिका ने कहा 'परिवार भारत रत्न अस्वीकार करने पर विचार नहीं कर रहा. तेज का कमेंट नागरिकता कमेंट के बारे में है और परिवार वैसा ही महसूस कर रहा है जैसा कोई अलोकप्रिय कदम के लिए करता है. सरकार को स्वदेशी लोगों के लिए सुरक्षा की आवश्यकता है. भारत रत्न और नागरिकता कानून दोनों अलग मुद्दे हैं और इसका राजनीति में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. हम सम्मान के साथ इस अवॉर्ड को स्वीकार करेंगे.' वहीं इस मामले में भूपेन हजारिका के बेटे तेज हजारिका का कहा था कि नागरिकता को लेकर एक अलोकप्रिय बिल पास करने की योजना चल रही है. जिसके लिए उनके पिता के नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस कारण तेज हजारिका ने नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में भारत रत्न सम्मान लौटाने का निर्णय किया है. क्या है नागरिकता संशोधन कानून? नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर असम में काफी वक्त से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. विरोध के चलते कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया. दरअसल, नागरिकता संशोधन विधेयक 2016 के तहत नागरिकता कानून 1955 में संशोधन कर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए गैर मुस्लिम धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता दिए जाने की बात कही गई है. वहीं लोगो के जरिए इस बिल को लेकर विरोध किया जा रहा है कि इससे उनकी सांस्कृतिक, भाषाई और पारंपरिक विरासत के साथ खिलवाड़ होगा.
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