भारत ने पाकिस्तान को नहीं दी मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा वापस लेने की सूचना : पाकिस्तानी अधिकारी
भारत ने पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा वापस लेने की सूचना नहीं दी है. पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी सूचना देते हुए कहा कि नई दिल्ली ने पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद इस्लामाबाद के खिलाफ उठाई गई इस कड़ी आर्थिक कार्रवाई की कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी है. भारत ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ कर्मियों पर हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से एमएफएन का दर्जा वापस लेने की घोषणा की थी. फिर अगले ही दिन तत्काल प्रभाव से पाकिस्तान से आने वाले सामानों पर लगने वाले सीमा शुल्क को भी 200 प्रतिशत बढ़ा दिया था. भारत की घोषणा के दो दिन बाद, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के इकोनॉमिक एडवाइजर अब्दुल रजाक दाऊद ने कहा कि नई दिल्ली ने इस्लामाबाद को पाकिस्तान के एमएफएन का दर्जा वापस लेने के बारे में सूचित नहीं किया है. दाऊद ने कहा, 'हम भारत द्वारा एमएफएन का दर्जा वापस लेने पर गौर कर रहे हैं. हम इस मुद्दे पर भारत से बात कर सकते हैं.' उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान इस मुद्दे को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूईटीओ) सहित विभिन्न मंचों पर उठा सकता है क्योंकि दोनों देश वैश्विक व्यापार निकाय के सदस्य हैं. भारत ने 1996 में ही पाकिस्तान को एमएफएन का दर्जा दिया था, लेकिन इस्लामाबाद ने नहीं दिया. एमएफएन पैक्ट के तहत, एक डब्ल्यूटीओ सदस्य देश अन्य व्यापारिक राष्ट्र के साथ गैर-भेदभावपूर्ण तरीके से व्यवहार करने के लिए बाध्य होता है, खासकर सीमा शुल्क और अन्य शुल्क के मामले में. इस फैसले का पाकिस्तान के निर्यात पर पड़ेगा भारी असर भारत के फैसले से यहां होने वाले पाकिस्तान के निर्यात पर काफी असर पड़ेगा. साल 2017-18 में भारत में पाकिस्तान का निर्यात 488.5 मिलियन अमरीकी डालर (लगभग 3,482.3 करोड़ रुपए) था. अब भारत के फैसले के बाद पाकिस्तान से निर्यात होने वाले सामान की कीमतों में भारी वृद्धि करेगा. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को एक ट्वीट में कहा, पुलवामा घटना के बाद भारत ने पाकिस्तान से एमएफएन का दर्जा वापस ले लिया है. वहीं पाकिस्तान से भारत में निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों पर मूल सीमा शुल्क को तत्काल प्रभाव से 200 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है. पाकिस्तान से आयात की जाने वाली दो मुख्य चीजें फल और सीमेंट हैं. इन पर वर्तमान सीमा शुल्क 30-50 प्रतिशत और 7.5 प्रतिशत है. अब आयात शुल्क में 200 प्रतिशत की कटौती करने का मतलब है पाकिस्तान से आयात पर लगभग अप्रत्यक्ष रूप से प्रतिबंध लगा देना. पाकिस्तान से भारत को निर्यात होने वाली चीजों में ताजे फल, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पाद, थोक खनिज और अयस्कों, चमड़ा, प्रोसेस्ड मिनरल, इनऑर्गेनिक केमिकल, कपास, मसाले, ऊन, रबर उत्पाद, शराब, चिकित्सा उपकरण, समुद्री सामान, प्लास्टिक शामिल हैं. कुल भारत-पाकिस्तान व्यापार 2017-18 में मामूली रूप से बढ़कर 2.41 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जबकि 2016-17 में यह 2.27 बिलियन अमरीकी डॉलर था. भारत ने 2017-18 में 488.5 मिलियन अमरीकी डालर के सामान का आयात किया और 1.92 बिलियन अमरीकी डालर के सामान का निर्यात किया. जम्मू-कश्मीर में हुए सबसे घातक आतंकी हमले में गुरुवार को सीआरपीएफ के कम से कम 40 जवान शहीद हो गए और पांच घायल हो गए.
from Latest News देश Firstpost Hindi http://bit.ly/2V1AEmn
from Latest News देश Firstpost Hindi http://bit.ly/2V1AEmn
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें