अटकलों से अलग भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के प्रधान महाप्रबंधक संजय कुमार सिन्हा ने इस बात को सिरे से खारिज किया कि देश में BSNL की सेवा बंद करने की किसी भी योजना पर सरकार विचार कर रही है. संजय सिन्हा ने कहा कि दूरसंचार विभाग BSNL की मजबूत आधारभूत संरचना और गांव-गांव तक उसकी पहुंच की महत्ता (Importance) को जानता और समझता है इसलिए इसे पुनर्जीवित करने का प्रस्ताव अंतिम चरण में है. और इसे डिजिटल कम्युनिकेशन कमीशन (DCC) के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा. BSNL के प्रधान महाप्रबंधक ने कहा कि पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) को पुनर्जीवित करने के सारे विकल्पों में एक विकल्प उसे बंद करने का भी होता है लेकिन ऐसे किसी उपाय या विकल्प पर दूरसंचार विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन) काम नहीं कर रहा है. इसलिए BSNL की सेवा को बंद करने की खबर भ्रामक (गलत) है. दूरसंचार मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार BSNL की सेवा को बहाल रखने और इसकी स्थिति में सुधार करने को लेकर गंभीर प्रयास कर रही है. संजय सिन्हा ने जोर देकर कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DOT) BSNL को मजबूत सर्विस प्रोवाइडर के रूप में देखना चाहता है जिसकी आर्थिक व्यवहारिकता हो और वो देश की सेवा में अपनी महत्तपूर्ण भूमिका निभा रहा हो. [caption id="attachment_192985" align="alignnone" width="1002"] BSNL के नेटवर्क की पहुंच दूर-दराज के क्षेत्रों और दुर्गम इलाकों में भी है (साभार: फेसबुक से साभार)[/caption] BSNL की सेवा बंद किए जाने का सच? दरअसल BSNL पिछले कुछ वर्षों से नुकसान (घाटा) में चल रहा है. डिपार्टमेंट ऑफ पबलिक इंटरप्राइज (DPE) के गाइडलाइंस के मुताबिक किसी भी नुकसान में चल रही पब्लिक सेक्टर अंडर टेकिंग (PSU) को पुनर्जीवित करने की योजना बनाते समय उसकी सेवा को बंद करने (CLOSURE OF PSU) विनिवेश (Disinvestment) और सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि जिससे जरूरी कामकाज चल सके जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जाता है. पिछले दिनों एक मीडिया रिपोर्ट में BSNL की सेवा को बंद किए जाने की बात प्रमुखता से छापे जाने पर BSNL के प्रधान महाप्रबंधक ने इसका खंडन करते हुए बताया कि BSNL को पुनर्जीवित करने की योजना में BSNL की सेवाओं को बंद किए जाने को लेकर खबर तथ्यों से परे है. सरकार का मसौदा तैयारी के अंतिम चरण में है और फिर इसे डिजिटल कम्युनिकेशन कमिशन को विचार के लिए भेजा जाएगा ताकी उसकी स्वीकृति के बाद BSNL को मजबूत सर्विस प्रोवाइडर के रूप में तैयार किया जा सके. गांव-गांव तक BSNL की पहुंच इसे बनाता है लोकप्रिय BSNL ने दो लाख लोगों को नौकरी दिया हुआ है. इसलिए इसे केवल सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर देखा जाना गैर-मुनासिब होगा. BSNL सरकार का सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वाह करने में भी अहम भूमिका निभाती है इसलिए इसे कई बार नुकसान भी सहना पड़ता है. नेपाल के भूकंप से लेकर कश्मीर में बाढ़ जैसी हालात में भी BSNL का नेटवर्क काम करता है जो सरकार के सामाजिक उत्तरदायित्व को निभाने में अहम भूमिका निर्वाह करता है. इतना ही नहीं घने जंगलों में जहां नक्सलियों का प्रभाव ज्यादा है वहां भी सरकारी महकमा BSNL के नेटवर्क के जरिए ही एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं. यहां प्राइवेट सर्विस प्रोवाइडर्स की मौजूदगी बेहद कम होती है क्योंकि नुकसान उठाने की गुंजाइश ज्यादा होती है. [caption id="attachment_24590" align="alignnone" width="1002"] मोबाइल टावर (प्रतीकात्मक तस्वीर)[/caption] फिलहाल BSNL 3जी सर्विस ही मुहैया कराता है लेकिन फिर भी इसका मार्केट शेयर 10 फीसदी है. BSNL को 4जी और 5जी स्पैक्ट्रम के लिए कोशिशें जारी है. ऐसे में 4जी की सुविधा के बाद BSNL की सेवा कई गुना बढ़ जाएगी इससे इनकार नहीं किया जा सकता है. लेकिन वित्त वर्ष 2017-2018 में BSNL को तकरीबन 31 हजार करोड़ के नुकसान के बाद घाटा को कम करने और इसे पुनर्जीवित करने को लेकर चिंता लाजिमी है. इस बारे में BSNL के एमडी अनुपम श्रीवास्तव और दूरसंचार मंत्रालय की सचिव अरुणा सुंदराजन की मुलाकात भी हो चुकी है जिसमें BSNL की स्थिति और उसके रिवाइवल को लेकर गहरी मंत्रणा की गई थी. इसी मुलाकात के बाद BSNL की सेवा बहाल रह पाएंगी इसे लेकर कयास लगाया जाने लगा है.
from Latest News देश Firstpost Hindi http://bit.ly/2S9svdA
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