जम्मू कश्मीर के पुलवामा में बृहस्पतिवार को शहीद हो गए CRPF के हेड कांस्टेबल मानेश्वर बासुमतारी की बेटी ने मांग की है कि, ‘मेरे पिता, जवानों की हत्या करने के लिए षड्यंत्रकर्ताओं को सजा जरुर मिलनी चाहिए, भले ही उसका मतलब सीमापार सर्जिकल स्ट्राइक करना हो.’ CRPF की 98वीं बटालियन के हेड कांस्टेबल बासुमतारी शुक्रवार को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद 40 जवानों में एक थे. उनके परिवार में बेटी दीदमास्वरी, पत्नी सन्माटी और बेटा हैं. पिता के मौत से आहत दीदमास्वरी ने शुक्रवार को कहा, ‘हम न्याय चाहते हैं. पुलवामा हमले के लिए जिम्मेदार कायरों को करारा जवाब दिया जाए.’ असम के बक्सा जिले के कलाबारी गांव में अपने घर पर संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने यह भी मांग की कि सरकार को अब उनके परिवार की देखभाल करनी चाहिए. ये भी पढ़ें: घाटी को दोबारा जन्नत बनाने के लिए पाकिस्तान की 'सर्जरी' के साथ अलगाववादियों का भी 'इलाज' जरूरी सन्माटी ने सिसकते हुए कहा कि बासुमतारी हाल ही में गांव आए थे. इससे आगे कुछ नहीं बोल नहीं पायीं. असम के तीन और जवानों के शहीद होने की अफवाह भी उड़ी: इस हमले के बाद सोशल मीडिया पर अफवाहें उड़ने लगीं कि असम के तीन और जवान इस हमले में शहीद हो गए थे. लेकिन बाद में संबंधित जवानों ने फेसबुक पर सामने आकर इन अफवाहों का खंडन किया. उनमें एक उदलगुरी जिले के मिजिंग बासुमतारी ने कहा, ‘यह फर्जी खबर है. मैं बिल्कुल ठीक हूं और मुझे कुछ नहीं हुआ है. इस फर्जी पोस्ट को साझा नहीं करें.’ ये भी पढ़ें: कश्मीर में हमला: आतंकियों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल की इजाजत क्यों? बोगांईगांव निवासी दूसरे CRPF के जवान पबित्र बर्मन ने कहा, ‘दोस्तों, मैं बिल्कुल सुरक्षित और ठीक हूं. मैं कश्मीर के अन्य जिले में तैनात हूं जो पुलवामा से काफी दूर है. हमला पुलवामा में हुआ है.’ तीसरे जवान अनंत सैकी के परिवार ने नागांव जिले के गोरुबंधा से कहा कि वह बिल्कुल ठीक हैं. इसी बीच, असम के कई संगठनों ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने जैश ए मोहम्मद के पुतले फूंके. ये भी पढ़ें: Pulwama Terror Attack: भारत ने पाकिस्तान से अपना उच्चायुक्त वापस बुलाया, पाक राजदूत से हुई पूछताछ
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