अर्धसैनिक बल (CRPF) के प्रमुख ने कहा कि सीआरपीएफ ने पुलवामा में जवानों के वाहन से विस्फोटक भरे वाहन को भिड़ा देने जैसे 'नए प्रकार' के खतरे को देखते हुए अपनी मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपीएस) में सुधार करने का निर्णय किया है. इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. सीआरपीएफ के महानिदेशक आर आर भटनागर ने 14 फरवरी को हुए हमले के बाद घाटी की दो दिवसीय यात्रा की. उन्होंने कहा, 'हमने कश्मीर में हमारे काफिले की आवाजाही में नए नियम जोड़ने का फैसला किया है.' उन्होंने कहा, 'यातायात नियंत्रण के अलावा काफिले के गुजरने के समय, उनके रुकने के स्थानों पर और सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस सहित सुरक्षा बलों के साथ समन्यवय में आवागमन में बदलाव किया जाएगा.' भटनागर ने कहा कि पुलवामा में लाटूमोड में हमले के बाद दो काफिलों को गुजारा गया और इन नए कदमों का परीक्षण किया जा रहा है और इन्हें मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपीएस) के तहत लागू किया जा रहा है. गौरतलब है कि भीषण हमले के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने घाटी का दौरा करने के बाद कहा था कि जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों के काफिले के गुजरने के वक्त नागरिक वाहनों की आवाजाही रोकने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा, 'हम बारीकियों पर नहीं जाएगें, लेकिन हम रणनीति बना रहे है. यह कुछ ऐसा है जिसे हम पहले भी कर चुके हैं और यह गतिशील है.' भटनागर ने कहा, 'एक आत्मघाती हमलावर हमारे वाहन के नजदीक आता है और विस्फोटकों से उड़ा देता है, इस नए खतरे को देखते हुए रणनीतियों पर काम किया जा रहा है.'
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