ICJ (इंटनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस) में कुलभूषण जाधव मामले में भारत ने सोमवार को अपना पक्ष रखा था. जिसके बाद कोर्ट की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई थी. वहीं अब मंगलवार को पाकिस्तान अपना पक्ष रखने वाला है. इससे पहले सोमवार को सुनावाई के दौरान अपना पक्ष रखते हुए भारत ने कहा था कि पाकिस्तान इस मामले में उचित प्रक्रिया के न्यूनतम मानकों को भी पूरा करने में असफल रहा है. भारत ने यह भी अपील की कि इंटरनेशनल कोर्ट पाकिस्तान के फैसले को गैरकानूनी घोषित करे. वहीं पाकिस्तान ने कहा कि उसने आईसीजे में कुलभूषण जाधव को लेकर जो प्रमुख सवाल पूछे थे, भारत ने उन सवालों के जवाब नहीं दिए. पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जाधव को मौत की सजा सुनाई हुई है. गौरतलब है कि आईसीजे मुख्यालय में सोमवार को चार दिवसीय सुनवाई ऐसे समय शुरू हुई है, जब जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद द्वारा किए गए आतंकी हमले में 41 सीआरपीएफ जवानों के शहीद होने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है. सुनवाई के पहले दिन भारत ने आईसीजे से अपील की कि पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा कुलभूषण जाधव को दी गई फांसी की सजा को निरस्त किया जाए और उनकी तत्काल रिहाई के आदेश दिए जाएं, क्योंकि पाकिस्तान की सैन्य अदालत में जाधव के खिलाफ सुनाया गया फैसला तय प्रक्रियाओं के न्यूनतम स्तर को संतुष्ट करने में भी निराशापूर्ण तरीके से विफल रहा. भारत ने कहा कि पाकिस्तान ने वियना संधि का उल्लंघन किया है और कॉन्सुलर एक्सेस नहीं दिया है. भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने केस की सुनवाई के दौरान कहा, ‘यह एक ऐसा दुर्भाग्यपूर्ण मामला है, जहां एक निर्दोष भारतीय की जिंदगी दांव पर लगी है. पाकिस्तान का पक्ष पूरी तरह से तथ्यहीन है.' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस मामले का प्रोपेगेंडा के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है, उसका व्यवहार अविश्वास पैदा करने वाला है. पाकिस्तान ने भारतीय नागरिक को गिरफ्तार कर उसे आतंकी और बलूचिस्तान में अशांति पैदा करने वाला भारतीय एजेंट बताया है. जाधव को गिरफ्तार कर पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ साजिश रचने का काम किया है.
from Latest News देश Firstpost Hindi http://bit.ly/2TVjoPr
from Latest News देश Firstpost Hindi http://bit.ly/2TVjoPr
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें