जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में अब सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 फीसदी का आरक्षण मिलेगा. जेएनयू ने कहा कि वह सरकार के नियमों के मुताबिक नई आरक्षण प्रणाली को अपनाया जाएगा. इसके साथ ही यूनिवर्सिटी का कहना है कि स्टूडेंट और फैकल्टी के लिए सीटें बढ़ाने के लिए अपनी योजना की एक विस्तृत रूपरेखा केंद्र के सामने प्रस्तुत की है. एनडीटीवी के मुताबिक विश्वविद्यालय को 25 जनवरी को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से एक पत्र मिला था. जिसके बाद यह फैसला किया गया है. आयोग ने केंद्रीय शिक्षा में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के आरक्षण के संबंध में विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा संस्थानों को एक ही पत्र जारी किया था. जेएनयू ने इस मामले में कहा कि जेएनयू प्रशासन ने सीटों में 25 फीसदी का इजाफा करने के लिए एक व्यापक रूपरेखा तैयार की है. साथ ही इसे 31 जनवरी की समय सीमा से पहले यूजीसी को के सामने प्रस्तुत किया गया है. नई आरक्षण प्रणाली को अपनाने और 2019-20 प्रवेश के लिए सीटों की घोषणा यूजीसी के नियमों और विनियमों के अनुसार होगी. दरअसल, पिछले संसद सत्र में पारित ईडब्ल्यूएस कोटा संशोधन में 8 लाख रुपए से कम वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए शिक्षा और नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था.
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