पुलवामा हमले के बाद देशभर में तनाव की स्थिती बनी हुई है. सूत्रों की मानें तो सर्जिकल स्ट्राइक के डर से पाकिस्तान ने एलओसी के किनारे लॉन्चिंग पैड पर आतंकवादियों के शिविरों को स्थानांतरित कर दिया है. हालांकि आमतौर पर ऐसी जगहों पर आतंकवादियों को कई तरह की सुविधाएं प्राप्त होती हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार मोदी सरकार के यह कहते हुए कि सीआरपीएफ के काफिले पर जैश-ए-मुहम्मद के हमले का जवाब देने के लिए सशस्त्र बलों को अधिकृत किया गया है, पाकिस्तान की सेना ने इससे पहले ही कुछ उपाय कर लिए हैं. हमारे पास एलओसी पर हमला करने के लिए कोई लक्ष्य नहीं है कश्मीर में शीर्ष खुफिया सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों में तनाव है. हालांकि किसी युद्ध की तैयारी या फ्रंटियर के साथ कोई सैन्य तैनाती नहीं है. सूत्रों के अनुसार-हमारे पास एलओसी पर हमला करने के लिए कोई लक्ष्य नहीं है, जहां आतंकवादी घुसपैठ करने के लिए तैयारी करते हैं. वहीं एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह भारतीय सेना को पाकिस्तानी सेना के ठिकानों को निशाना बनाने के विकल्प के साथ छोड़ सकता है. यहां तक कि लड़ाई भी हो सकती है. 50 से 60 शीतकालीन पद हर साल खाली हो जाते थे खुफिया सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान कार्रवाई की आशंका जता रहा था और वो भी शायद आतंकी हमलों के जवाब में. यह इस बात से भी पता चलता है कि पाकिस्तान ने इस साल सीमा पर अपने शीतकालीन चौकियों को खाली नहीं किया है. सूत्रों ने कहा- कम से कम 50 से 60 शीतकालीन पद जो हर साल खाली हो जाते थे, अब तक भरे हुए हैं. आतंकी लॉन्च पैडों के अतिरिक्त सुदृढीकरण के साथ, हम यह नहीं जानते हैं कि उनके पदों की ताकत आज क्या है और वो आगे क्या कर सकते हैं.
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