सऊदी अरब के शाहजादे मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद मंगलवार को दो दिनों की भारत यात्रा पर पहुंच गए हैं. उनकी ये यात्रा दो वजहों से खास है. पहला ये उनकी भारत की पहली द्विपक्षीय यात्रा है, दूसरे वो ठीक एक दिन पहले पाकिस्तान का दौरा करके आ रहे हैं. पाकिस्तान और भारत में कश्मीर में हुए पुलवामा अटैक को लेकर तनाव बहुत बढ़ गया है. भारत पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठा रहा है. मंगलवार की रात जब सऊदी क्राउन प्रिंस यहां पहुंचे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल से अलग हटकर एयरपोर्ट पर उनकी आगवानी की. सऊदी अरब के शाहजादे पीएम मोदी के निमंत्रण पर भारत आए हैं. भारत का यह उनका पहला सरकारी दौरा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट में कहा कि प्रोटोकाल से अलग जाते हुए पीएम मोदी ने खुद सऊदी अरब के शाहजादे मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुल अजीज की आगवानी की. सऊदी अरब के शाहजादे भारत की पहली द्विपक्षीय यात्रा पर आए हैं. A new chapter in bilateral relations Breaking protocol, PM @narendramodi personally recieves HRH Prince Mohammed bin Salman bin Abdulaziz Al-Saud, Crown Prince of Saudi Arabia as he arrives on his first bilateral visit to India! pic.twitter.com/yVADgQ2IUu — Raveesh Kumar (@MEAIndia) February 19, 2019 सऊदी प्रिंस की इस यात्रा पर भारत का मुद्दा आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन लेने पर रहेगा. इस यात्रा के दौरान पाकिस्तान की ओर फंडेड आतंकवाद का विषय एक प्रमुख मुद्दा रहेगा. साथ ही दोनों देश रक्षा संबंधों में बढ़ोतरी पर भी चर्चा करेंगे जिसमें संयुक्त नौसेना अभ्यास शामिल है. बता दें कि दक्षिण एशिया के दौरे की शुरुआत में रविवार को इस्लामाबाद पहुंचे शाहजादे सोमवार को सऊदी अरब लौट गए थे क्योंकि भारत ने उनके पाकिस्तान से सीधे यहां के दौरे पर आने को लेकर आपत्ति जताई थी. सऊदी क्राउन प्रिंस का मुख्य कार्यक्रम 20 फरवरी को होगा. प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी डेलीगेशन की बैठक हैदराबाद हाऊस में होगी. प्रधानमंत्री सऊदी क्राउन प्रिंस को सम्मान में भोज देंगे. वह राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेंगे. पीएम मोदी और क्राउन प्रिंस के बीच बुधवार को प्रतिनिधिमंडल स्तर की होने वाली बातचीत में भारत, पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी समूहों के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगा. विदेश मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव टी एस त्रिमूर्ति के अनुसार, सऊदी नेता के दौरे में दोनों पक्षों के बीच निवेश, पर्यटन, आवास और सूचना और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में पांच समझौतों पर दस्तखत होने की उम्मीद है. इस दौरे से भारत-सऊदी द्विपक्षीय संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत होगी. बता दें कि भारत और सऊदी अरब का द्विपक्षीय कारोबार साल 2017-18 में 27.48 अरब डॉलर रहा है. सऊदी अरब, भारत का चौथा सबसे बड़ा कारोबारी सहयोगी है. सऊदी अरब ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में भारत के लिये एक महत्वपूर्ण स्रोत है जो कच्चे तेल के संबंध में 17 प्रतिशत जरूरतों की आपूर्ति करता है. दोनों देश खाद्य सुरक्षा, आधारभूत ढांचा, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्वरक जैसे क्षेत्रों में संयुक्त गठजोड़ बढ़ाने को इच्छुक हैं. (एजेंसी से इनपुट के साथ)
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