जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के विरोध में शुक्रवार को महाराष्ट्र के औरंगाबाद के बेगमपुरा इलाके में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और पाकिस्तानी झंडे जलाए.पाकिस्तान विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने पड़ोसी देश से कहा कि वह आतंकी गतिविधियों का समर्थन करना और आतंकवादियों को भारत के खिलाफ हमले करने के लिए पनाह देना बंद करे. प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर युवा शामिल थे. जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में जैश-ए-मोहम्मद के एक फिदायिन हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक जैश के आतंकवादी ने विस्फोटकों से भरी कार से सीआरपीएफ जवानों को ले जा रही बस को टक्कर मार दी, जिसमें कम से कम 40 जवान शहीद हो गए. साल 2016 में हुए उरी हमले के बाद सबसे भीषण आतंकवादी हमला है. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 2500 से अधिक जवान 78 वाहनों के काफिले में जा रहे थे. जिनमें से ज्यादातर अपनी छुट्टियां बिताने के बाद वापस लौट रहे थे. जम्मू कश्मीर राजमार्ग पर अवंतिपोरा इलाके में लाटूमोड पर इस काफिले पर घात लगाकर हमला किया गया. पुलिस ने आत्मघाती हमला करने वाली कार को चलाने वाले आतंकवादी की पहचान पुलवामा के काकापोरा के रहने वाले आदिल अहमद के तौर पर की है. उन्होंने बताया कि अहमद 2018 में जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हुआ था. उन्होंने बताया कि आतंकवादी संगठन ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है. यह हमला श्रीनगर से करीब 30 किलोमीटर दूर हुआ है. विस्फोट में 20 से अधिक लोग घायल हो गए.
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