गुरुवार को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में CRPF के जवानों के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले में 40 सैनिक शहीद हो गए. इस हमले में उत्तरप्रदेश के प्रदीप सिंह यादव भी शहीद हुए. जिस वक्त धमाका हुआ तब प्रदीप अपनी पत्नी नीरजा से फोन पर बात कर रहे थे. वो फोन कॉल प्रदीप की आखिरी बात साबित हुई. उत्तर प्रदेश के अजान सुखसेनपुर में रहने वाले प्रदीप की पत्नी नीरजा ने बताया कि, 'मैं अपने पति से बात कर रही थी जब पीछे से एक कान फाड़ने वाले धमाके की आवाज सुनाई दी. इसके कुछ ही सेकेंड के अंदर दूसरी तरफ पूरी तरह से सन्नाटा छा गया और फोन कट गया है. मुझे महसूस हुआ कि कुछ बहुत बुरा हुआ है. मैं बार बार, लगातार उन्हें कॉल करने लगी. ये जानने के लिए कि वो ठीक हैं या नहीं. लेकिन मेरी दुनिया उजड़ चुकी थी. सबकुछ खत्म हो चुका था.' ये भी पढ़ें: पुलवामा हमले के बाद अब राजौरी में LoC पर IED ब्लास्ट, सेना के मेजर शहीद इसके बाद उन्होंने कहा- 'बाद में मुझे CRPF के कंट्रोल रूम से एक फोन आया और ब्लास्ट में मुझे मेरे पति के मृत्यु की खबर दी गई.' पुलवामा में धमाके के समय नीरजा अपने दो बच्चों के साथ कानपुर के पास स्थित अपने मायके में थी. प्रदीप और नीरजा के दो बच्चे हैं- दस साल की बेटी सुप्रिया और 2 साल की सोना. नीरजा बताती हैं, 'उन्हें सोना से बहुत लगाव था. बृहस्पतिवार को जब उन्होंने मुझसे आखिरी बार बात की तो उन्होंने मुझसे सोना के बारे में पूछा था. उन्होंने मुझसे 10 मिनट तक बात की थी.' ये भी पढ़ें: पुलवामा हमला: कमर कस चुकी है मोदी सरकार, गृह मंत्री के घर हुई NSA-RAW-IB की मीटिंग
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