14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले (Pulwama Attack) में 40 जवान शहीद हो गए थे. इन शहीद जवानों के लिए देशभर में कैंडल लाइट मार्च निकाले जा रहे हैं. पाकिस्तान से बदला लेने की मांग उठ रही है. कुछ लोग ये भी कह रहे हैं कि उरी हमले के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक एक बार फिर दौहराई जाए. हालांकि लेफ्टिनेंट जनरल(रिटायर्ड) डीएस हुडा का मानना है कि यह जल्दबाजी होगी. ये डीएस हुडा वही हैं, जिन्होंने 2016 में हुई सर्जिकल स्ट्राइक में अहम भूमिका निभाई थी. डीएस हुडा ने कहा है कि इस मामले में सरकार और सुरक्षाबलों को सावधानी बरतनी चाहिए. न्यूज 18 के मुताबिक लेफ्टिनेंट जनरल हुडा ने शनिवार को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा, 'पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई संभावित है.' हुडा का मानना है कि इस विवाद को सुलझाने के लिए सभी पक्षों को एक बार फिर सोचना चाहिए और बातचीत करनी चाहिए. हुडा अपने कार्यकाल के दौरान नॉर्दन कमांड का कार्यभार देख रहे थे. दअसल 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले को अब तक की सबसे बड़ी आतंकवदी घाटना माना जा रहा है. भारत ने इस हमले के बाद कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा था कि जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी और बदला लिया जाएगा. मगर डीएस हुडा का मानना है कि ये फैसला जल्दबाजी वाला हो सकता है. सर्जिकल स्ट्राइक पर क्या बोले हुडा? वहीं सर्जिकल स्ट्राइक पर बात करते हुए हुडा ने कहा, ये जरूरी था और हमें यह करना था. अब इस पर इतनी राजनीति हुई, यह सही है या गलत... यह तो हमें राजनेताओं से पूछना चाहिए.' 2016 में उरी हमले का प्रतिशोध लेने के लिए भारत ने पाक अधिकृत कश्मीर में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की भारी तैनाती के बावजूद सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था और आतंकवादियों को मार गिराया था. उरी हमले में 19 सैनिक शहीद हुए थे. हमला करने वाले तीन आतंकियों को भी भारत ने तत्काल मार गिराया था. भारत ने उरी हमले को समर्थन देने का आरोप पाकिस्तान पर लगाया था. भारत ने दावा किया था कि सभी आतंकी पाकिस्तानी नागरिक थे.
from Latest News देश Firstpost Hindi http://bit.ly/2GwzqfL
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