उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को अपना बजट पेश किया. सरकार ने नए वित्त वर्ष के लिए अपने बजट में राज्य के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 'वाई-फाई' की सुविधा का प्रावधान किया है. वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को बजट पेश कर कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में वाई-फाई की सुविधा मुहैया कराने के लिए 50 करोड़ रुपए का फंड दिया है. राजधानी में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना और मिर्जापुर और प्रतापगढ़ में इंजीनियरिंग कॉलेजों की स्थापना के लिए भी बजट अलॉट किया गया है. अग्रवाल ने कहा कि लखनऊ में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) में की जा रही है. वित्त वर्ष 2019-20 के बजट में इसके लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान है. उन्होंने बताया कि मिर्जापुर और प्रतापगढ़ में इंजीनियरिंग कॉलेजों की स्थापना के लिए आठ करोड़ रुपए और चार करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान किया गया है. कानपुर स्थित हरकोर्ट बटलर प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के रेनोवेशन और विकास के लिए 11 करोड़ रुपए का प्रस्ताव है. दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में 'गुरुश्री गोरक्षनाथ शोध पीठ' के इंस्टॉलेशन के खर्च के लिए 63 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है. सहारनपुर में विश्वविद्यालय स्थापना के लिए 10 करोड़ रुपए, संस्कृत की उच्च शिक्षा के लिए काशी विद्यापीठ को 21 करोड़ रुपए का अनुदान और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के लिए 21 करोड़ 51 लाख रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है. संस्कृत की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संस्कृत पाठशालाओं को सहायक अनुदान उपलब्ध कराए जाने के लिए 242 करोड़ रुपए की व्यवस्था बजट में की गई हैं. सहायता प्राप्त संस्कृत विद्यालयों और महाविद्यालयों को अनुदान के लिए 30 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं. बजट में सैनिक स्कूलों की स्थापना के लिए 26 करोड़ 57 लाख रुपए की व्यवस्था की गई है. राजकीय इंटर कॉलेजों (बॉयज और गर्ल्स) की स्थापना के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान है. बजट में समग्र शिक्षा अभियान के लिए 18,485 करोड़ रुपए, मध्याह्न भोजन कार्यक्रम के लिए 2,275 करोड़ रुपए और प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में इंप्लांटेशन सुविधाओं के विकास के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के तहत संचालित विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क एक जोड़ी जूता, दो जोड़ी मोजा और एक स्वेटर उपलब्ध कराने के लिए 300 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क वर्दी बांटने के लिए 40 करोड़ रुपए की बजट व्यवस्था की गई है. वनटांगिया ग्रामों में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की स्थापना के लिए पांच करोड़ रुपए का प्रस्ताव है जबकि वित्तीय वर्ष 2019-20 में स्कूल बैग वितरण हेतु 110 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है .
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