मध्य प्रदेश के एक किसान, शिवलाल कटारिया, बीते बुधवार को अधिकारियों द्वारा जारी किए गए कृषि ऋण माफी के लाभार्थियों की सूची में, 24,000 रुपए के बजाय, उनके नाम के आगे चिह्नित 13 रुपए को देखकर हैरान रह गए. उन्होंने कहा- राज्य सरकार ने 2 लाख रुपए तक का ऋण माफ करने का वादा किया था. फॉर्म भरे गए थे और मुझे 23,815 रुपए की अपनी ऋण राशि की पूरी छूट की उम्मीद थी. लेकिन पंचायत में जो सूची आई है, उसमें कहा गया है कि केवल 13 रुपए माफ किए गए हैं. न्यूज 18 की खबर के अनुसार कटारिया इंदौर से 120 किलोमीटर दूर आगर मालवा जिले के निपनिया बैजनाथ गांव के निवासी हैं. ऋण वितरण के स्तर पर अनियमितताओं के कारण खामियां बढ़ रही हैं जब विधानसभा चुनाव से पहले कर्ज माफी का वादा करने वाली कांग्रेस सत्ता में आई तो उसे लगा कि इससे उसे थोड़ी राहत मिलेगी. उन्होंने कहा- मैं एक ईमानदार किसान हूं. मैं नियमित रूप से अपना बकाया चुका रहा हूं. पूछताछ करने पर कर्मचारियों ने कहा कि कर्जमाफी की तारीख में मुझ पर कर्ज नहीं था. ऋण माफी योजना में बड़ी अनियमितताएं हैं. मैंने अधिकारियों को इस बारें में सूचना दी है. दूसरी ओर, सरकार ने कहा कि ऋण वितरण के स्तर पर अनियमितताओं के कारण खामियां बढ़ रही हैं. कर्जमाफी के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 5 फरवरी है कैबिनेट मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने कहा- ऋण वितरण के स्तर पर जो अनियमितताएं हुई हैं, वे अब सामने आ रही हैं. हम आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं. चुनाव से पहले किए गए वादे को ध्यान में रखते हुए, कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने कार्यप्रभार के दिन कृषि ऋण माफी की घोषणा की थी. आवेदन की प्रक्रिया 15 जनवरी से शुरू हुई थी. कर्जमाफी के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 5 फरवरी है और 22 फरवरी से पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में जाना शुरू हो जाएगा. बता दें कि इस योजना का उद्देश्य 55 लाख किसानों को लाभान्वित करना है और इसमें 50,000 करोड़ रुपए खर्च होंगे.
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