मेघालय की एक खदान में एक महीने से ज्यादा वक्त से फंसे 15 खनिक मजदूरों में से अब दूसरा शव बाहर निकाला जा चुका है. भारतीय नौसेना के प्रवक्ता के जरिए ट्वीट कर बताया गया कि इस रैट होल माइन से दूसरा शव मिला है. मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स में 13 दिसंबर से एक दर्जन से अधिक खनिक रैट होल माइन में फंस गए थे. एनडीटीवी के मुताबिक नौसेना के बचाव कर्मियों को पानी के नीचे संचालित वाहन के जरिए उतारा गया और उन्होंने सुबह लगभग 3 बजे शव का पता लगाया. खोज के दौरान नौसेना की टीम को एक लकड़ी की गाड़ी भी मिली. वहीं इससे पहले भी एक शव बरामद किया जा चुका है. मेघालय के पूर्वी जयंतिया पर्वतीय जिले में 370 फुट गहरी एक कोयला खदान में 40 दिन तक फंसे रहने के बाद जिस खनिक का पहले शव बाहर निकाला गया उसकी पहचान असम के चिरांग जिले के आमिर हुसैन के रूप में की गई है. नौसेना ने करीब हफ्ते भर पहले ही इस शव का पता लगा लिया था. लेकिन काफी मशक्कत के बाद बाढ़ के पानी में 100 फीट नीचे से शव को मशीन की मदद से ऊपर लाया गया और क्रेन से इसे बाहर खींचा गया. वहीं रेस्क्यू टीम के जरिए बाकी मजदूरों के शवों की खोजबीन जारी है. अधिकारियों ने कहा है कि नेवी के अधिकारी सभी मजदूरों के शवों को ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं. अधिकारियों ने बताया है कि गोताखोरों को आरओवी के जरिए बहुत अंदर कुछ कंकाल भी दिखे हैं, लेकिन ये स्पष्ट नहीं है कि ये कंकाल उन मजदूरों के ही है या नहीं. दरअसल, खदान में भरे बाढ़ के पानी में सल्फर की मात्रा बहुत ज्यादा है, जिसमें शव बहुत जल्दी गल सकता है. दूसरी तरफ पिछले हफ्ते ही मजदूरों के परिवारों ने रेस्क्यू टीम से बाकी शव ढूंढने की अपील की है ताकि वो उनका अंतिम क्रिया-कर्म कर सकें.
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