मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामले में बृजेश ठाकुर (मामले के मुख्य आरोपी) सहित सभी 20 आरोपियों को आज एक विशेष POCSO कोर्ट के सामने पेश किया गया. वहीं मामले में आरोपी महिलाओं को पेश करने में विफल रहने के लिए अदालत द्वारा बेउर जेल प्रशासन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. इससे पहले मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामले में सीबीआई ने मुख्य आरोपी बृजेश ठाकुर सहित 20 आरोपियों के खिलाफ विशेष पॉक्सो कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में गंभीर आरोप लगाए थे. Muzaffarpur Shelter Home Case: All 20 accused including Brijesh Thakur (main accused in the case) were produced before a Special POCSO Court today. A show cause notice was issued to Beur jail administration by the court for failing to produce women accused in the case. — ANI (@ANI) January 17, 2019 इसके अनुसार लड़कियों को गंदे भोजपुरी गानों पर डांस कराया जाता था. उन्हें नशे की सुई और दवा देकर सुला दिया जाता था. सोने के बाद उनके साथ दुष्कर्म किया जाता था. चार्जशीट में इस बात का साफ जिक्र है कि बालिका गृह में रोज बृजेश ठाकुर की महफिल सजती थी. बृजेश के अलावा शेल्टर होम के कर्मचारी और सीडब्ल्यूसी के सदस्य सहित अन्य लोग वहां रात में पहुंचते थे. चार्जशीट में कहा गया है कि नाबालिग बच्चियों को छोटे-छोटे कपड़े पहनाकर अश्लील गानों पर डांस करने के लिए मजबूर किया जाता था और इनकार करने पर उन्हें मारा पीटा जाता था. चार्जशीट के अनुसार लड़कियों को ब्लू फिल्में भी दिखाई जाती थी. इसके बाद नशे का इंजेक्शन और दवा देकर दुष्कर्म किया जाता था. विरोध करने वाली किशोरियों को कुर्सी से बांधकर उनके साथ दुष्कर्म किया जाता था और मारा-पीटा जाता था. आपको बता दें कि बीते 19 दिसंबर को सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी. इसमें 33 बच्चियों समेत 102 लोगों की गवाही दर्ज है.
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