केंद्र सरकार 1 फरवरी को अंतरिम बजट 2019 पेश करेगी. साल 2016 में, सरकार ने रेल बजट और सामान्य बजट अलग से पेश करने की 92 साल पुरानी प्रथा को खत्म कर दिया था और 2017 में, अरुण जेटली रेल बजट के साथ एक संयुक्त केंद्रीय बजट पेश करने वाले पहले वित्त मंत्री बने. इस साल के बजट में रेल बजट भी साथ में ही पेश किया जाएगा. गौरतलब है कि यह आगामी लोकसभा चुनाव के पहले नरेंद्र मोदी सरकार का आखिरी बजट होगा. ऐसे में नजर डालते हैं कि मोदी सरकार के पिछले दो बजटों की मुख्य घोषणाओं पर. बजट 2018 के पांच मुख्य बिंदू - वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में भारतीय रेलवे के लिए 1.48 लाख रुपए के कैपिटल एक्सपेंडिचर की घोषणा की थी. - उन्होंने 18,000 किलोमीटर लंबी लाइनों को दोगुना करने का लक्ष्य रखा था. - नई विश्व स्तरीय ट्रेनें और कॉरिडोर बनाए जाने को भी प्राथमिकता वाले कार्यों के रूप में घोषित किया गया था. - 36,000 किमी रेल ट्रैक के नवीनीकरण का लक्ष्य रखा गया था, साथ ही अगले दो वर्षों में ब्रॉड गेज मार्गों पर 4,267 मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया था. - रेलवे द्वारा आधुनिकीकरण के लिए 600 स्टेशन चिन्हित किए गए थे बजट 2017 के पांच मुख्य बिंदू - वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए, रेलवे की कुल पूंजी और डेवलपमेंट एक्सपेंडिचर 1 लाख 31 हजार करोड़ रुपए आंका गया था. - यात्री सुरक्षा के लिए, पांच साल की अवधि में एक राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष के निर्माण की घोषणा की गई थी. - ब्रॉड गेज लाइनों पर मानव रहित क्रॉसिंग को 2020 तक खत्म करने का प्रस्ताव था. - यह प्रस्तावित किया गया था कि 500 स्टेशनों पर लिफ्ट और एस्केलेटर लगाकर विकलांगों को सुविधा दी जाएगी. - मध्यम अवधि में लगभग 7,000 स्टेशनों को सौर ऊर्जा से सुसज्जित करने का भी प्रस्ताव था
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