सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह असम के नेशनल रजिस्ट्रर ऑफ सिटीजन्स (एनआरसी) के फाइनल पब्लिकेशन की डेडलाइन को 31 जुलाई से आगे नहीं बढ़ाएगा. इसके साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया है कि असम के चीफ सेक्रेटरी, स्टेट एनआरसी कोऑर्डिनेटर प्रतीक हजेला और चुनाव आयोग सात दिन के अंदर मिलकर यह तय करे कि कैसे एनआरसी वेरिफिकेशन की सुनवाई होगी. कोर्ट ने कहा कि लोकसभा चुनाव और एनआरसी की प्रक्रिया दोनों साथ में चल सकती है. Supreme Court says it will not extend July 31 deadline for publication of final Assam National Register of Citizens (NRC) pic.twitter.com/6jyRBqGhYH — ANI (@ANI) January 24, 2019 असम एनआरसी के कोऑर्डिनेटर प्रतीक हजेला ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कुल 36.2 लाख लोगों ने एनआरसी की अंतिम लिस्ट में अपना नाम दाखिल करने के लिए दावा किया है. उन्होंने कहा कि दावों पर सुनवाई 15 फरवरी से शुरू होगी. Assam NRC coordinator Prateek Hajela to SC:There are 36.2 lakh claims for inclusion of their names in final NRC, over 2 lakh objections against names included in draft till Dec 31. Notices to be issued to claimants 15 days before hearing of claims, that will start on Feb 15 https://t.co/zcFWHSir3C — ANI (@ANI) January 24, 2019 1951 के बाद पहली बार सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एनआरसी में लोगों के नाम शामिल किए जाने की प्रक्रिया चल रही है. इसकी शुरुआत यूपीए सरकार के समय 2005 में हुई थी. लेकिन इस काम में तेजी केंद्र में बीजेपी की सरकार आने के बाद आई. बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों का मुद्दा बीजेपी के चुनावी वादों में शामिल था. एनआरसी की ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद संसद और संसद के बाहर जमकर हंगामा हुआ था. विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया था कि वे मुस्लिमों के खिलाफ है और अवैध प्रवासियों के आड़ में इस धर्म के लोगों को निशाना बना रही है. इस मामले पर लोगों में कई तरह का भय भी पैदा हो गया था. लेकिन गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा था कि एनआरसी का यह ड्राफ्ट अंतिम नहीं है और जितने लोगों के नाम इसमें शामिल नहीं किए गए हैं, उन्हें आगे मौका दिया जाएगा.
from Latest News देश Firstpost Hindi http://bit.ly/2Tbn0fI
from Latest News देश Firstpost Hindi http://bit.ly/2Tbn0fI
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें